इंदौर। अमृत प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी जाने वाली सड़कों को अब लंबे समय तक बदहाल नहीं छोड़ा जाएगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की सख्ती के बाद नगर निगम ने सड़क रेस्टोरेशन की समय सीमा तय कर दी है। पाइपलाइन डालने का काम पूरा होने के बाद संबंधित सड़क को दो माह के भीतर बनाना होगा। ऐसा नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महापौर के निर्देशों का असर अब शहर में दिखाई देने लगा है और कई जगह पाइपलाइन डालने के साथ ही सड़क सुधारने का काम भी किया जा रहा है।
दरअसल, अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर में पुरानी जलप्रदाय पाइपलाइनों को बदलने और नई पानी की टंकियां बनाने का काम चल रहा है। इसके लिए मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों और गली-मोहल्लों तक सड़कों की खुदाई की जा रही है। पहले पाइपलाइन डालने के बाद इन सड़कों को छह माह तक रेस्टोरेशन के लिए छोड़ दिया जाता था। इस दौरान केवल कच्ची मिट्टी और मलबा भरकर सड़क को छोड़ दिया जाता था। इससे धूल, कीचड़, गंदगी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। लोगों को आवाजाही में परेशानी होती थी और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते थे।
400 किमी नई पाइपलाइन बिछाने का काम
महापौर भार्गव ने बताया कि शहर का पुराना जलप्रदाय नेटवर्क लीकेज और जाम होने के कारण कई क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या सामने आ रही थी। इसे दूर करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगर निगम के सहयोग से जलप्रदाय व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। इसके तहत शहर में करीब 400 किलोमीटर नई मेनलाइन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाई जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़कों को भी समय पर दुरुस्त किया जाए।
इन क्षेत्रों में शुरू हुआ रेस्टोरेशन
महापौर की सख्ती के बाद होटल सयाजी के सामने सर्विस रोड पर कृष्णा दूध डेयरी वाली लाइन में पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क का रेस्टोरेशन पूरा कर दिया गया है। वहीं, स्कीम नंबर 114 में पाइपलाइन डालने के साथ सड़क सुधारने का काम भी किया जा रहा है। स्कीम नंबर 78 पार्ट-1 और न्यू लोहा मंडी में भी पाइपलाइन डालने के साथ रेस्टोरेशन पर काम होरहाहै।
लापरवाह ठेकेदारों की सूची मांगी
महापौर ने निगम अधिकारियों से उन निर्माण एजेंसियों की सूची मांगी है, जो सड़क रेस्टोरेशन में लापरवाही कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़क को अनिश्चित समय तक नहीं छोड़ा जा सकता। तय समय सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
एक नजर में प्रमुख निर्देश
– पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद दो माह में सड़क बनानी होगी।
– रेस्टोरेशन के नाम पर छह माह तक सड़क नहीं छोड़ी जाएगी।
– सड़क सुधारने में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
– करीब 400 किलोमीटर नई मेनलाइन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाई जा रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




