शहर के नागरिकों और उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर मीडिया से चर्चा में आतिश बिंजवा ने पुलिस प्रशासन, केबल ऑपरेटर, अस्पतालों में बीमा कंपनियों की मनमानी तथा बिजली विभाग में हो रही अनियमितताओं को लेकर डिजिटल सुधारों की मांग की। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के दैनिक संघर्षों, उपभोक्ता अधिकारों के हनन और प्रशासनिक तंत्र की कमियों को उजागर कर जवाबदेही तय करना है। उन्होंने चार प्रमुख मुद्दों पर शासन- प्रशासन के सामने पक्ष रखते हुए पुलिस थानों में शिकायतों को दर्ज कराने उन्होंने कहा कि आज शहर के आम नागरिक और आम उपभोक्ता इन में होने वाली लेटलतीफी और पारदर्शिता की कमी को दूर करने के लिए अनियमितताओं के कारण अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है। 25-सूत्रीय डिजिटल सुधारों की मांग। इसके साथ ही स्थानीय केबल व्यवसायियों को राहत देने के लिए ट्राई की नीतियों की समीक्षा, अस्पतालों व बीमा कंपनियों की मनमानी के संबंध में बताया कि हेल्थ इंश्योरेंस सहित शहर के निजी अस्पतालों द्वारा क्लेम रिजेक्शन और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने बिजली विभाग की अनियमितताओं, बिना सूचना मीटर बदलने और अत्यधिक व त्रुटिपूर्ण बिल थोपने की कार्यप्रणाली के विरुद्ध सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 20 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




