सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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पार्षद कालरा परिवार के साथ बारिश में भी धरना में छतरी लगाकर खड़े रहे

भाजपा अध्यक्ष ने विधायक मालिनी गौड़ से की थी चर्चा, देर रात कराया धरना समाप्त

पार्षद कालरा परिवार के साथ बारिश में भी धरना में छतरी लगाकर खड़े रहे

भाजपा का अंदरुनी कलह अब खुलकर सामने आने लगा है। विधानसभा 4 के वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा जो विधायक मालिनी गौड़ के करीबी माने जाते हैं।

पार्षद कालरा परिवार के साथ बारिश में भी धरना में छतरी लगाकर खड़े रहे

कल दोपहर कालरा ने अपने परिवार के साथ माता अहिल्या की प्रतिमा पहुंचकर मुंह पर काली पट्टी बांधकर जीतू यादव को वापस एमआईसी सदस्य बनाने पर विरोध जताया। जैसे ही इसकी जानकारी मीडिया के साथ भाजपाइयों को लगी वैसे ही मीडिया अपने काम में लग गई और भाजपाई इस धरना को समाप्त कराने में जुट गए। सूत्रों का कहना है कि भाजपा का एक खेमा इस धरना को आगे बढ़ाना चाहता था। वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने विधायक मालिनी गौड़ से चर्चा कर इस मुद्दे को समटवाने की कोशिश की। आखिरकार विधायक मालिनी गौड़ रात 11.30 बजे के करीब राजवाड़ा पहुंची और उन्होंने कालरा व परिवार से बातचीत कर धरना समाप्त कराया। इसके पहले सुमित मिश्रा और मालिनी गौड़ के बीच चर्चा भी हुई थी। उल्लेखनीय है कि कालरा के निवास पर कुछ लोगों ने घर में घुसकर विवाद किया था और बेटे को वस्त्रहीन भी किया था और मामला भाजपाइयों का होने से और चर्चा में बना था उसी के बाद जीतू यादव को एमआईसी सदस्य से हटाया गया था और भाजपा से बाहर का रास्ता भी दिखाया गया था। उल्लेखनीय है कि घटना पिछले वर्ष 4 जनवरी 2025 को हुई थी और इस वर्ष पिछले माह 18 अगस्त 2026 को जीतू यादव की भाजपा में वापसी भोपाल के कहने पर ही हुई थी और वापसी वाले दिन ही जीतू यादव के एमआईसी प्रभार को निरंजनसिंह चौहान को दे दिया गया था। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के विदेश जाने के पूर्व महापौर ने जीतू यादव को फिर से एमआईसी सदस्य बनाकर उनका पुराना प्रभार भी दे दिया था। कल कालरा परिवार का राजवाड़ा धरना की गूंज भोपाल तक पहुंच गई थी और जानकारी वरिष्ठ नेताओं को भी हो गई थी। कुछ फोन भोपाल से भी आए थे उसी के बाद पूरे मामले को समेटा गया था। उल्लेखनीय है कि कल दिन भर पानी बार-बार तेजी से आता रहा और बंद होता रहा, लेकिन कालरा परिवार राजवाड़ा धरना से हटा नहीं, बल्कि छतरी लगाकर धरना देता रहा और गीला भी हुआ तो भी वहां से हटे नहीं, आखिरकार सुमित मिश्रा की पहल से रात में मालिनी गौड़ के प्रयास से धरना समाप्त हुआ।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें