नगर निगम के द्वारा स्वच्छता के प्रचार प्रसार के कार्य पर 4.5 करोड रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इसके लिए निगम नीचे एजेंसियों के साथ अनुबंध करेगा। इन एजेंसियों से ही काम करवाया जाएगा। पूरे देश में सबसे स्वच्छ शहर के रूप में इंदौर की अपनी एक अलग पहचान है। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम के द्वारा हर साल स्वच्छता के काम को सबसे ज्यादा प्राथमिकता के साथ किया जाता है। इस काम में निगम अपने स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही ना तो करता है और ना ही उसे बर्दाश्त करता है। शहर के नागरिकों में स्वच्छता के लिए जागरूकता लाना सबसे पहले और महत्वपूर्ण कार्य होता है। इसी कार्य के माध्यम से नगर निगम के द्वारा इंदौर शहर को गंदे शहर से स्वच्छ शहर के रूप में तब्दील करने का काम किया गया है।
अब नगर निगम एक बार फिर इंदौर की स्वच्छता की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और उन्हें स्वच्छता के इस अभियान में सहभागी बनने के लिए तैयारी करने लगा है। निगम के द्वारा इस वर्ष स्वच्छता के लिए जागरूकता के कार्य पर 4.5 करोड रुपए की राशि खर्च की जाएगी। यह कार्य नगर निगम के द्वारा नीचे एजेंसी या खास तौर पर कहें तो स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से कराई जाएगी। इस काम को करने के लिए नगर निगम के द्वारा योजना तैयार कर ली गई है।
हमेशा ही निगम के द्वारा इस कार्य के लिए कई एजेंसियों को एक साथ अनुबंध कर लिया जाता है। फिर इन एजेंटियों के माध्यम से कार्य एवं कार्रवाई की जाती है। स्वच्छता को लेकर कहीं पर चित्रकला प्रतियोगिता तो कहीं पर वाद विवाद प्रतियोगिता जैसे आयोजन भी नगर निगम जागरूकता अभियान के तहत ही करता है। इस पूरे अभियान को आईईसी एक्टिविटी के रूप में लिया जाता है। इस वर्ष इस एक्टिविटी में 4.5 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए निगम के द्वारा संबंधित संगठनों को अनुबंधित करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 24 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




