इंदौर नगर निगम के द्वारा लीज पर दी गई करोड़ों रुपए कीमत की 29 जमीनों के निगम के पास कोई दस्तावेज नहीं है। ऐसी स्थिति में नगर निगम के द्वारा जाहिर सूचना जारी कर संपत्ति मालिकों से ही अब संपत्ति के दस्तावेज मांगे गए हैं।
नगर निगम की लीज शाखा के द्वारा एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। इस सूचना में 29 संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। इन संपत्तियों के पते और उसके लिए धारी का नाम
इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 171 के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए आज सुबह बड़ी संख्या में नागरिक प्राधिकरण के कार्यालय पर पहुंच गए।
आज अहिल्या पुण्यतिथि होने के कारण प्राधिकरण के कार्यालय में आधे दिन का अवकाश है। जब कार्यालय बंद होने का समय आ रहा था उस समय पर नागरिक प्राधिकरण के कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए जमा होना शुरू हो गए थे। ध्यान रहे कि इस योजना के क्षेत्र में 13 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की जमीन आती है। इस जमीन पर इन गृह निर्माण तथा क्षेत्रफल जारी करते हुए निगम के द्वारा संबंधित व्यक्तियों से कहा गया है कि वह उक्त संपत्ति उन्हें ीज पर दिए जाने से संबंधित दस्तावेज नगर निगम में आकर प्रस्तुत करें। यह कदम नगर निगम के द्वारा इसलिए उठाया गया है क्योंकि निगम के पास इन संपत्तियों को लीज पर दिए जाने के कोई दस्तावेज नहीं है। निगम के द्वारा अपने दस्तावेज के रिकॉर्ड में खूब छानबीन कर लिए जाने के बाद भी उसे दस्तावेज नहीं मिल सके हैं।
ऐसी स्थिति में निगम की लीज शाखा के द्वारा पहले इस संपत्ति स्वामियों के नाम पर ही नोटिस जारी किए गए थे और उनसे कहा गया था कि वह अपने लीज के दस्तावेज प्रस्तुत करें लेकिन इस नोटिस का जवाब देने में इन संपत्ति स्वामियों के द्वारा कोई रुचि नहीं ली गई। ऐसी स्थिति में यह मामला उलझ गया। मामले के उलट जाने के कारण अब नगर निगम को दस्तावेज प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा का सहारा लेना पड़ा है। जिन संपत्तियों का नगर निगम के पास रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है उनकी कीमत करोड़ों रुपए है। इसमें एमजी रोड, तुकोगंज, राज मोहल्ला, पलासिया, बाणगंगा, मल्हारगंज, जूनी इंदौर, रेसकोर्स रोड की संपत्ति भी शामिल है।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह से हम संपत्ति मालिक से खुद ही दस्तावेज जताने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि इस दस्तावेज के आधार पर परीक्षण कर यह देखा जा सके कि उक्त संपत्ति को कब कितने समय के लिए रिलीज पर दिया गया था और किस मकसद से लीज पर दिया गया था। क्या लीज की शर्तों का उल्लंघन किया गया है।
है। इसमें से अधिकांश प्लाट पर भवन का निर्माण भी हो गया है। इन नागरिकों के द्वारा अपनी कॉलोनी के भवन को प्राधिकरण की योजना से मुक्त करने के लिए आवाज उठाई जा
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




