नगर निगम के द्वारा आज सुबह जल्दी एक कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजवाड़ा पर स्थित बैंक की बिल्डिंग का खतरनाक छज्जे को तोड़ दिया गया। इस छज्जे का कुछ हिस्सा मंगलवार की रात को टूट कर गिरा था। तो इस घटना पर नगर निगम के द्वारा यह सफाई दी गई थी कि यह कोई हादसा नहीं था बल्कि बैंक के द्वारा खुद तोड़ा जा रहा था। यदि ऐसा था तो फिर आज निगम को जाकर तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ गई?
आज सुबह जल्दी ही इंदौर नगर निगम की एक हाइड्रोलिक गाड़ी और एक पोकलेन मशीन राजवाड़ा क्षेत्र में पहुंची। महालक्ष्मी मंदिर के पास से शुरू होने वाले यशवंत रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पहले बिल्डिंग है। इस बिल्डिंग का छज्जा खतरनाक स्थिति में है। निगम की टीम के द्वारा जाकर कार्रवाई करते हुए इस छज्जे को तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई बहुत थोड़े समय तक चली और इतनी देर में ही पूरा काम कर दिया गया। इस कार्रवाई को करने के लिए निगम की रिमूवल गैंग सुबह जल्दी ही सड़क पर निकल गई थी और इस गैंग के द्वारा सीधे मौके पर जाकर कार्रवाई को अंजाम दे दिया गया। इस कार्रवाई को करने के बाद गैंग मौके से रवाना हो गई। अभी तोड़फोड़ का मलबा नहीं उठाया गया है। ध्यान रहे कि इस बिल्डिंग का कुछ हिस्सा मंगलवार की रात को अचानक गिर गया था। इस घटना को लेकर कल बुधवार को नगर निगम के द्वारा यह स्पष्टीकरण जारी किया गया था कि बिल्डिंग का खतरनाक हिस्सा दुर्घटना के रूप में गिरा नहीं है बल्कि बैंक के द्वारा उसे तोड़कर हटाया जा रहा है। कल यह सफाई जारी करने के बाद आज नगर निगम को खुद मजबूर होकर कार्रवाई करना पड़ी। ऐसे में निगम के द्वारा कल जारी की गई सफाई संदेह के घेरे में आ गई है। मंगलवार को छज्जे के खतरनाक हिस्से के गिरने की घटना एक दुर्घटना के रूप में ही अब सामने आ रही है।
शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ होगा एक्शन
बिगाड़ने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। जिन स्थानों पर इस तरह की घटनाएं हुई हैं, वहां के स्थानीय सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई के लिए पुलिस को आवेदन दिया गया है। निगम का कहना है कि कचरा संग्रहण व्यवस्था को बाधित करने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा।
गैरहाजिर कर्मचारियों की भी मांगी सूची
निगम आयुक्त ने बिना उचित कारण काम पर नहीं आने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सभी जोन अधिकारियों से प्रतिदिन अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची और पूरी जानकारी मांगी गई है। वहीं कचरा गाड़ियों के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए सभी अपर आयुक्तों को सुबह 5 से 11 बजे तक फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चारों पंचायतों ने हड़ताल से बनाई दूरी
इधर वाल्मीकि समाज की चारों पंचायतों ने हड़ताल से दूरी बना ली है। सफाई आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया और नगर निगम सफाई यूनियन के प्रमुखों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि इंदौर ने वर्षों की मेहनत से देश के सबसे स्वच्छ शहर की पहचान बनाई है। कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शहर की स्वच्छता और उसकी छवि से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




