प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल ने मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अस्पतालों में दूषित पानी की रिपोर्ट पर महापौर से सार्वजनिक जवाब मांगा। कासलीवाल ने यह भी कहा कि रिपोर्ट के आघार पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव खराब पानी अस्पताल रिपोर्ट पर जिम्मेदारी मानकर क्या इस्तीफा देंगे। कासलीवाल ने कहा कि भागीरथपुरा के दूषित पानी की घटना के काफी दिन बाद वहां पानी पीकर बताया था और कहा था कि पानी शुद्ध है। कासलीवाल ने कहा कि अब पानी की टेस्ट रिपोर्ट मीडिया में प्रकाशित हुई है, जिसमें इंदौर के अस्पतालों में उपलब्ध पानी की गुणवत्ता को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, वह अत्यंत चिंताजनक है। यदि अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी में निर्धारित मानकों के विपरीत तत्व अथवा दूषित पदार्थ पाए गए हैं, तो यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा का गंभीर मामला है। कासलीवाल ने कहा कि अगर अस्पतालों के पानी की गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट सही है, तो क्या महापौर सार्वजनिक रूप से इस कमी की जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे। क्या नगर निगम और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी। कासलीवाल ने यह भी कहा कि जिन अस्पतालों में दूषित पानी पाए जाने की बात सामने आई है, वहां तत्काल स्वतंत्र जांच और पानी की दोबारा वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। यदि नगर निगम की व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सिद्ध होती है, तो क्या महापौर पुष्यमित्र भार्गव नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देंगे। कांग्रेस स्पष्ट करना चाहती है कि यह विषय किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का नहीं है। पानी जीवन की मूल आवश्यकता है और अस्पतालों में उपलब्ध पानी की शुद्धता तो और भी गंभीर विषय है। मरीज पहले से बीमारी से जूझ रहा होता है; ऐसे में उसे शुद्ध पानी उपलब्ध कराना शासन और स्थानीय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उक्त पूर्ण जानकारी आरोप के साथ प्रदेश प्रवक्ता मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आनंद जैन कासलीवाल ने दी है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




