शहर के पूर्वी क्षेत्र पॉश कालोनियों में इन दिनों अण्डर ग्राउंड मेट्रो ट्रेन को लेकर घबराहट के साथ खलबली मची हुई है। कांग्रेस नेता अमन बजाज ने मेट्रो ट्रेन का मुद्दा उठाया और कहा कि पूर्व में जो मेट्रो बंगाली चौराहा से आने वाली थी वह एलिवेटेड थी, जिसे बाद में बदलकर अंडर ग्राउंड कर दिया। शकुंतला हास्पिटल से गोयल नगर, सांईनाथ, तिलक नगर, संविद नगर, पत्रकार कालोनी, ओल्ड पलासिया ऐसी कई कालोनियां इससे प्रभावित होती दिख रही है, जिसको लेकर कई संशय, कई भ्रांतियां, कई टेक्नीकल पाइंट है, जिसको लेकर यहां के रहवासी संघ इसका विरोध कर रहे हैं। जितने भी हमारे जनप्रतिनिधि है, चाहे वो प्रभारी मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री भी है इस प्रदेश के, चाहे विभाग के मंत्री हो, चाहे महापौर हो, चाहे इस क्षेत्र के विधायक हो, चाहे इस क्षेत्र के पार्षद हो। आप सबसे निवेदन है कि आप अपनी राय इसको लेकर स्पष्ट करे। रहवासी संघ अगर आपके पास आते हैं, कई जगह है जमीन का धसना, वाटर लेवल गिरना, पुराने मकान बने हैं उनमें कम्पन होना, मकान की जो नींव है वह कमजोर होना ऐसी कई समस्याएं इसको लेकर सामने आ रही है। हमारा यह कहना है कि हम किसी भी प्रकार के विकास के विरोध में नहीं है और दल-गत राजनीति से ऊपर उठकर आपसे निवेदन करते हैं कि आप अपनी राय स्पष्ट करें। मैं विधायक महेन्द्र हार्डिया से यह कहना चाहूंगा कि आप मेट्रो को लेकर अपनी राय स्पष्ट करें, पूर्व में कहा गया कि आप से पूछा नहीं गया, पर यहां पर मेट्रो के लोगों के साथ जो मीटिंग हुई थी तो उनका कहना था कि हमने जनप्रतिनिधियों को साथ में लेकर इस प्रस्ताव को पारित किया। तो आप अपनी पूरी राय स्पष्ट करें कि आप अण्डर ग्राउंड मेट्रो के फेवर में है या नहीं है, आप इसको किसी पर टाले नहीं कि मेट्रो वालों से पूछलो, विभाग के मंत्री से पूछ लो, मैं आपसे कहना चाहता हूं कि जिम्मेदारी आपकी है, आप तय करें यहां से अण्डर ग्राउंड मेट्रो जाएगा या नहीं। मैं आपको आमंत्रित करता हूं कि इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर यह लड़ाई लड़ेंगे, जब तक लोगों के मन सारे संशय दूर नहीं होते, तब लोगों के मन से यह दूर नहीं होता कि मेट्रो का निकलना उनके लिए सुरक्षित है तब तक हम यह काम नहीं होने देंगे। कांग्रेस नेता अमन बजाज ने रहवासी संघ संघर्ष समिति से भी कहा कि आप यह लड़ाई पुरजोर तरीके से लड़े मैं आपके साथ हूं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 24 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




