मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और विभागीय मैदानी गतिविधियों की समीक्षा भोपाल में की। मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के साथ इंदौर के भी सांदीपनि विद्यालयों में पर्याप्त भूमि खेल के लिए मौजूद है। खेल विभाग खेल परिषद विकसित करे। खेलों के लिए खिलाड़ी स्कूल और कॉलेज से ही तैयार होते हैं, सभी संबंधित विभाग मिलकर सांदीपनि विद्यालयों के खेल परिसरों में निर्माण के लिए मिलकर काम करें। विभागों द्वारा अपने-अपने स्तर पर की जा रही खेल गतिविधियों और खेल अधोसंरचनाओं के विकास कार्यों को खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ही संचालित करने के लिये विभागीय अधिकारी एक्शन प्लान तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी स्थानों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन खेल परिसरों में हेलीपैड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य के अधिकारी, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार समन्वय करें और खेल विकास मद में अधिकाधिक सेंट्रल ग्रांट प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में खेल परिसर या स्टेडियम या अन्य खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए खेल विभाग को भूमि का आवंटन नहीं हो पाया है, ऐसे प्रकरणों पर जल्द से जल्द कार्यवाही कर भूमि का आवंटन प्राप्त करने के लिए जिला कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित किया जाए। जिस जगह से ज्यादा खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं वहां विशेष ध्यान दिया जाए। शासकीय और आशासकीय खेल परिसरों को चिह्नित भी किया जाए, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकें। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि कार्पोरेट हाऊस की भी मदद ली जाए, जिस तरह से हरियाणा और उड़ीसा राज्य में कॉरपोरेट हाऊसेस के सहयोग से खेल अधोसंरचनाओं के विकास मॉडल पर सक्रियता से काम किया जा रहा है। खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए केन्द्रीय खेल मंत्रालय से भी समन्वय किया जाए।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




