साधुमार्गी जैन समता संघ द्वारा गुमाश्ता नगर स्थित मांगलिक भवन में चल रहे चातुर्मासिक अनुष्ठान के दौरान समाज की सुश्राविका अनुपमा जैन चौरड़िया ने ‘क्या यह सच है, हाँ यह सच है’ शीर्षक एक ऐसी पुस्तक की रचना की है जिसका लोकार्पण संतों की मौजूदगी में किया गया। आदित्य मुनि म.सा. ने अनुपमा द्वारा रचित इस पुस्तक के बारे में कहा कि इसमें नरक के वर्णन को केवल भय पैदा करने के लिए नहीं बल्कि मनुष्य को अपने वर्तमान कर्मों, विचारों और जीवनशैली के प्रति जागरूक करने वाले दर्पण के रूप में व्यक्त किया गया है। विजय टच, गौरव खिंदावत, पारस बोहरा, मनीष बोहरा, िंपंकेश पगारिया सहित अन्य मौजूद थे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 29 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




