मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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बिना खाद्य लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठान को कराया बंद कलेक्टर ने कहा- अवैध अतिक्रमण पर दे विशेष ध्यान

सीएम हेल्प लाइन प्रकरण, राजस्व शिविर आयोजन पर भी देना होगा ध्यान

पदार्थों की सघन जांच हेतु विशेष निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान चलाया गया। खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने चार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 31 खाद्य नमूने लिए। इसके अलावा दो दुकानों से 2 हजार 165 किलो से अधिक घी भी जब्त किया। इस घी में खाद्य अधिकारियों को गड़बड़ी नजर आई थी। घी जब्त कर सैम्पल भेजा गया है। इस घी की कीमत 12 लाख 21 हजार रु. करीब है। विश्लेषण रिपोर्ट तक घी विभाग की निगरानी में रखा गया है। बिना लाइसेंस के श्री इंटरप्राइजेस त्रषि पैलेस द्वारकापुरी के पीछे को बंद कराया और 1115 किलो घी अभी जब्त किया गया है। अधिकारी के मुताबिक उर्मिला श्रीवास्तव और जितेन्द्र श्रीवास्तव के पास खाद्य संचालन का लाइसेंस भी नहीं था। इसलिए प्रतिष्ठान को बंद कराया गया। वहीं दल ने डुग्गू एंटरप्राइजेज ड्रीम सिटी, तालावली चांदा से 14 नमूने एवं 1,050 किलोग्राम घी जब्त किया। यहां दुकान पर मुदित अग्रवाल उपस्थित मिले उनकी मौजूदगी में घी की जब्ती की गई और यहां अलग-अलग ब्रांड का निरीक्षण किया। यहां से भी दूध, मावा, पनीर, घी, मिल्क केक एवं दूध कतली के कुल 6 नमूने जांच हेतु संग्रहित किए गए। सतगुरु मिल्क प्रोडक्ट, पोलोग्राउंड का निरीक्षण कर दूध एवं पनीर के कुल 3 नमूने जांच हेतु लिए गए। कुल 4 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य विभाग ने 31 खाद्य नमूने लिए और 2 हजार 165 किलो संदिग्ध घी विभाग ने जब्त किया और बिना लाइसेंस चल रहे प्रतिष्ठान को बंद कराया। सैम्पल प्रयोगशाला भोपाल भेजे जा रहे हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने टाइम लिमिट समीक्षा बैठक में विभाग अनुसार हेल्प लाइन प्रकरण प्रगति की समीक्षा की। शासन की योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा की। समीक्षा के दौरान हेल्प लाइन प्रकरण निराकरण में कमजोरी पर कलेक्टर ने श्रम विभाग के सहायक आयुक्त डी.पी. सिंह को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि समय सीमा प्रकरण में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी, सभी सम्बंधित अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण हटाने पर विशेष ध्यान देना होगा, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण, राजस्व शिविरों के आयोजन भी किए जाए। राजस्व शिविर के माध्यम से वर्षों से लंबित नामांतरण, बंटवारा, बटांकन, सीमांकन सहित अन्य राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाए। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध कॉलोनाइजेशन के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करें। जहाँ भी अवैध अतिक्रमण दिखाई दे, वहाँ बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 28 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें