ऐतिहासिक भोजशाला मामले में एक बार फिर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का कथित रूप से अक्षरश: पालन न किए जाने के विरोध में सकल हिंदू समाज ने कल 25 अगस्त मंगलवार को धार जिला दोपहर तक बंद रखने का बड़ा आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि प्रशासन न्यायालय के निर्देशों को उसकी मूल भावना के अनुरूप लागू करने में पूरी तरह विफल रहा है। हिंदू समाज बंद को सफल बनाने के लिए सकल हिंदू समाज के पदाधिकारी और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मुस्तैद हैं। तय रणनीति के अनुसार, 25 अगस्त को बंद के दौरान हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होकर जिला प्रशासन को एक सामूहिक ज्ञापन भी सौंपेंगे, जिसमें न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 15 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपने फैसले में विवादित परिसर को हिंदू मंदिर बताते हुए नियमित पूजा की अनुमति दी थी और वहां पूर्व से चली आ रही नमाज व्यवस्था को रोक दिया था,इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरिम व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया था कि शुक्रवार की जुमे की नमाज मूल विवादित परिसर से दूर एक वैकल्पिक स्थान (खसरा नंबर 596) पर आयोजित की जाए, लेकिन जिला प्रशासन सर्वें नंबर 612 पर जुमे की नमाज अदा करा रहा है, इसी को लेकर हिन्दू समाज लामबंद है, साथ ही हिंदू समाज का आरोप है कि प्रशासन द्वारा चिन्हित की गई नमाज की जगह, श्रद्धालुओं के आने-जाने के मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मूल भावना के अनुरूप नहीं हैं। भोज उत्सव समिति, तमाम सकल हिन्दू समाज और अन्य संगठनों ने पहले भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भोजशाला के 100 मीटर के संरक्षित क्षेत्र की स्पष्ट मार्किंग करने और खसरा नंबर 612 में नमाज की व्यवस्थाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। संगठनों का कहना है कि नियमों की अनदेखी के कारण न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना हो रही है। पुलिस प्रशासन ने बंद के आह्वान और सांप्रदायिक सौहार्द के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे धार जिले में नजर बनाए रखे हुए है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 24 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




