नगर निगम के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में रहने वाले लोगों को समस्या से मुक्त करने की दिशा में पहल की गई है। इसके तहत अब इस योजना के भवनों में पानी पहुंचाने के काम पर 232 लख रुपए खर्च किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम के द्वारा शहर में विभिन्न क्षेत्रों में इमारत का निर्माण किया गया है। इन इमारत में कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण में जिन लोगों के मकान टूट गए उन्हें रहने के लिए स्थान दिया गया है। इसके साथ ही गरीबों को मकान विक्रय करते हुए आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त इन भवनों में एल आई जी और एम आई जी के भवन मध्यमवर्गीय परिवारों को आवंटित किए गए हैं। निगम के द्वारा इन भवनों का निर्माण करने और उपयोग के लिए उन्हें आवंटित करने के दौरान इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया कि इन भवनों में पीने के पानी के लिए और अन्य उपयोग के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। पिछले दिनों इन भवनों में रहने वाले नागरिकों के द्वारा पानी की समस्या को लेकर शिकायत की गई। जब शिकायत सामने आई तो प्रधानमंत्री आवास योजना सेल के अंतर्गत काम करने वाले अधिकारी यह कह कर अपने आप को बचाने की कोशिश करते रहे कि पानी की व्यवस्था जल्द ही की जा रही है। अब जाकर इस सेल के अधिकारियों के द्वारा कुछ भवनों में पानी की व्यवस्था करने के लिए पूरा सिस्टम तैयार करने, उसे क्रियान्वित करने और उसका संचालन संधारण 5 साल तक करने के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि इस पूरे कार्य की कीमत 232 लाख रुपए है। इस काम को 3 महीने की अवधि में पूर्ण करना होगा। इसके लिए जो एजेंसी काम करने की इच्छुक है उनसे 21 सितंबर तक उनके प्रस्ताव बुलवाए गए हैं। इस बारे में 7 सितंबर को एक मीटिंग भी रखी गई है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से इन भवनों में पानी की व्यवस्था हो जाएगी। जिसके चलते हुए लोगों को इन सब समस्याओं से मुक्ति मिल सकेगी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 2 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




