कल रात को राजवाड़ा क्षेत्र में छज्जा गिरने की घटना को लेकर सनसनी फैल गई थी। इस बारे में नगर निगम के द्वारा यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है कि यह छज्जा गिरा नहीं था बल्कि हटाने के लिए गिराया गया था।
निगम के द्वारा आज स्पष्ट स्थिति करते हुए कहा गया है कि छज्जा स्वतः अथवा दुर्घटनावश नहीं गिरा है, बल्कि नगर निगम द्वारा पूर्व में जारी किए गए सुरक्षा संबंधी निर्देशों के अनुपालन में बैंक प्रबंधन द्वारा उसे नियोजित एवं नियंत्रित तरीके से हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। निगम द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान संबंधित भवन के उक्त छज्जे की स्थिति जर्जर एवं जनसुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक पाई गई थी। इसके दृष्टिगत नगर निगम द्वारा संबंधित बैंक प्रबंधन को विधिवत नोटिस जारी कर जर्जर एवं खतरनाक छज्जे/भवन के हिस्से को सुरक्षित रूप से हटाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
निगम द्वारा पूरी सुरक्षा की व्यवस्था के इंतजाम
का यह भी कहना है कि रात को कोई मजदूर वहां पर काम नहीं कर रहा था। करने के बाद जर्जर एवं खतरनाक स्थल को हटाने के लिए बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए गए है जिसके अंतर्गत बैरिकेटिंग लगाना, कोई नागरिक स्थल पर नहीं पहुंचे इसके पूरे इंतजाम करना आदि निर्देश दिए गए। इस निर्देश के परिपालन में बैंक के द्वारा ठेकेदार के माध्यम से युक्त छज्जे को हटवाने का कार्य कल रात को किया गया।
निगम के स्पष्टीकरण पर उठे सवाल
राजबाडा पर कल रात करीब 8.30 बजे जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक छज्जा गिरने की घटना सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई तो निगम ने इसको लेकर स्पष्टीकरण दिया है, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस इमारत की दूसरी मंजिल पर छज्जे के नवीनीकरण को लेकर स्ट्रक्चर लगाया था। यह स्ट्रक्चर दूसरी मंजिल से पहली मंजिल के छज्जे पर गिरा जिसके कारण दोनों छज्जे क्षतिग्रस्त हुए है। वहीं बिल्डिंग पर लगा बोर्ड भी लटक गया। इसको लेकर निगम ने स्पष्टीकरण तो जारी किया है लेकिन उस पर सवाल उठ रहे है। कुछ लोगों
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 7 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




