शहर के सार्वजनिक बगीचे में जैन समाज के द्वारा एक संत का अंतिम संस्कार कर दिए जाने के घटनाक्रम से निगम का प्रशासन निशाने पर आ गया है। इस मामले में नगर निगम आयुक्त के द्वारा जांच के आदेश दे दिए गए हैं। कांग्रेस के पार्षद इस मामले में कार्रवाई चाहते हैं।
इंदौर नगर निगम के द्रविड़ नगर जोनल कार्यालय के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 72 में नेमी नगर आता है। यहां पर संत विद्यासागर जी महाराज के नाम पर नगर निगम के द्वारा गार्डन का विकास किया गया है। इस गार्डन में क्षेत्र के लोगों के द्वारा अपने स्वास्थ्य के लाभ के लिए जाकर एक्सरसाइज की जाती है। बड़ी संख्या में लोग इस गार्डन में जाकर वॉकिंग करते हैं। इस गार्डन में कल जैन समाज के संत का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मामले की जानकारी कल सुबह ही सामने आ गई। जैसे ही यह मामला सामने आया वैसे ही जिसने सुना वह हतप्रभ रह गया। अंतिम संस्कार करने वाले जैन समाज जनों के द्वारा यह जानकारी दी गई कि उन्होंने अंतिम संस्कार करने के लिए पुलिस थाना अन्नपूर्णा पर अप्रोच करते हुए अनुमति मांगी थी। पुलिस के द्वारा अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में समाज जनों के द्वारा क्षेत्र के पार्षद योगेश गेंदर से संपर्क किया गया। लेकिन उनके द्वारा भी अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। निगम को समय पर जानकारी नहीं मिली, जिससे निगम सजग नहीं हुआ उसी के बाद अब यह मामला जोर पकड़ता हुआ नजर आ रहा है। इस मामले में नगर निगम प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के द्वारा इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसी बीच कांग्रेस के पार्षद इस मामले को लेकर आक्रोशित है। नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने इस मामले को लेकर नगर निगम प्रशासन से जवाब दे ही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना हो जाना अपने आप में चौंकाने वाली बात है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है यह निश्चित किया जाना चाहिए और जिम्मेदार पर कार्रवाई होना चाहिए। आज कांग्रेस पार्षद दल और कांग्रेस के प्रमुख नेता नगर निगम आयुक्त से मिलने वाले हैं। इस मुलाकात में भी यह मामला प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




