देशभर में सबसे साफ और लगातार नंबर वन का खिताब जीतने वाले सबसे साफ और सफाई में अव्व्ल शहर इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण का हल्ला खत्म होने के बाद निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारीयों का सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग कमजोर होने से लापरवाही और अनदेखी शुरू होने लगती है। ताजा मामला एमवाय हॉस्पिटल क्षेत्र में कई जगह सड़क किनारे लगे तीन तरह के गीला, सूखा और सेनेटरी नेपकिन जैसे कचरा फेंकने वाले तीन कलर के डस्टबिन और लीटर बिन लंबे समय से गायब है। यहां बस स्टॉप के पास लगे लीटरबीन गायब है। जिसकी जगह केवल स्टेंड लगे है। डस्टबिन गायब है जिसको लेकर क्षेत्र के जागरूक लोगों ने निगम की 311 एप के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी कई बार शिकायत कर दी है। इसके बाद भी कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा है। गौरतलब है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबंधित डेंटल कालेज और प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल में शुमार महाराजा यशवंत राव चिकित्सालय के सामने निगम द्वारा गीला-सूखा और अन्य कचरा फेंकने के लिए राहगिरों के लिए कई जगह डस्टबिन लगाए गए थे। जिनमें से अब हालात यह है कि कई जगह लिटरबिन गायब है। जिसको लेकर क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों ने बताया कि लीटर बिन पिछले कई महीनों से गायब है जिसके कारण लोग कई बार खुले में कचरा फेंक जाते है। यही नहीं मुसाखेड़ी क्षेत्र में कई जगह से डस्टबिन ओर लीटरबिन गायब होने की शिकायत सामने आ रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 24 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




