सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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निगमकर्मियों की मनमानी: कचरा गाड़ियों पर नहीं कर रहे ड्यूटी, मैन्युअल लगा रहे अटेंडेंस

55 करोड़ बकाया डोर टू डोर कचरा कलेक्शन शुल्क वसूली के लिए की गई थी नियुक्ति 5 बिंदुओं में पूरा औचक निरीक्षण मामला होगा नेताओं के यहां थे निगम के 88 कर्मचारी अटैच, नहीं साबित हो पा रही थी उपयोगिता दो सप्ताह पहले लगाई ड्यूटी जोन पहुंच रहे, फील्ड में नहीं रसूखदारों के कार्यालय में अटैचमेंट

नगर निगम में डोर-टू- डोर कचरा कलेक्शन शुल्क की वसूली के लिए तैनात किए गए 88 कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निगम को शहरभर से करीब 55 करोड़ रुपए कचरा शुल्क की वसूली करनी है। इसी उद्देश्य से निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर अलग- अलग स्थानों पर अटैच कर्मचारियों को चिन्हित किया गया और उन्हें फील्ड में भेजने की योजना बनाई गई। करीब दो सप्ताह पहले राजस्व विभाग के अपर आयुक्त आकाश सिंह ने इन कर्मचारियों की ड्यूटी अलग-अलग जोन में चलने वाली डोर-टू-डोर कचरा गाड़ियों के साथ लगाई थी। कर्मचारियों को घर-घर जाकर बकाया कचरा शुल्क की जानकारी देने, भुगतान के लिए तकादा करने और डोर-टू-डोर कलेक्शन का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई। शहर के 22 जोन कार्यालयों के अंतर्गत 85 वार्डों में इनकी तैनाती की गई।

निगम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कई कर्मचारी जोन कार्यालय तो पहुंच रहे हैं, लेकिन कचरा गाड़ियों के साथ फील्ड में नहीं जा रहे। कुछ कर्मचारियों के केवल अटेंडेंस लगाकर जोन से गायब होने की शिकायत भी सामने आई है। ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य होने के बावजूद कुछ कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज होने की बात कही जा रही है।

कर्मचारी अब भी प्रभावशाली नेताओं के कार्यालयों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों के वास्तविक कार्यस्थल और फील्ड में पहुंचने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी नहीं मिल रही है। मैन्युअल

सूत्रों का दावा है कि कुछ

विधानसभा 5 के वार्ड क्रमांक 50 के अंतर्गत पिपलियाहाना 88 कर्मचारी चिन्हित — अलग-अलग स्थानों पर अटैच कर्मचारियों को फील्ड ड्यूटी के लिए चिन्हित किया गया। 55 करोड़ की वसूली — निगम को शहरभर से डोर-टू- डोर कचरा शुल्क की बड़ी राशि वसूलनी है।

85 वार्डों में ड्यूटी — 22 जोन कार्यालयों के अंतर्गत कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई। अटेंडेंस पर सवाल — ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद मैन्युअल अटेंडेंस की शिकायत सामने आई है। निगम आयुक्त स्तर से उपस्थिति और फील्ड ड्यूटी की निगरानी की तैयारी है।

लापरवाही मिली तो कार्रवाई निगम अब इन कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी सख्ती से करने की तैयारी में है। आयुक्त स्तर से अटेंडेंस की मॉनिटरिंग के साथ औचक निरीक्षण किए जाएंगे। यदि कर्मचारी निर्धारित कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए जाते हैं तो नियमों के तहत निलंबन से लेकर सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

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यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें