सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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अहिल्या वन पूरे बने नहीं, अब नमो हरित नगर वन की तैयारी 400 अहिल्या वन बनाने का था लक्ष्य, 100 भी नहीं बन पाए

चोइथराम के सामने बनेगा नया नगर वन 20 सरकारी जमीनों पर भी थी योजना

कितने वास्तव में विकसित हो पाए हैं।

चोइथराम अस्पताल के सामने स्थित सरकारी जमीन पर नमो हरित नगर वन बनाया जाएगा। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने निरीक्षण के दौरान उद्यान विभाग के अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव को इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। डीपीआर में पौधारोपण के साथ क्षेत्र के विकास की पूरी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

नहर भंडारा की पाल पर बांस की हरित पट्टी

बीते

दिनों निगमायुक्त ने नहर भंडारा

की पाल का भी निरीक्षण किया। यहां हजारों बांस के पौधे लगाने के निर्देश उद्यान अधिकारी शांतिलाल यादव को दिए गए। बांस की जड़ें मिट्टी को बांधने में मदद करती हैं, इसलिए पाल के कटाव को रोकने के साथ हरित पट्टी विकसित करने की योजना है।

400 अहिल्या वन का लक्ष्य, अब हिसाब जरूरी

मार्च 2022 में तत्कालीन निगमायुक्त प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर में 400 स्थानों पर अहिल्या वन विकसित करने की योजना सामने आई थी। प्रत्येक वार्ड में कई स्थान चिन्हित करने और सघन वन विकसित करने की बात कही गई थी। प्रस्ताव में तालाब, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वॉकिंग ट्रैक और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का प्रावधान भी था।

स्मार्ट सिटी के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी अहिल्या वन परियोजना के तहत 20 सरकारी लैंड पार्सल पर सघन पौधारोपण के लिए सीएसआर सहयोग लेने की योजना दर्ज है। उसी रिकॉर्ड में 100 अविकसित उद्यानों को विकसित करने की परियोजना का भी उल्लेख है।

1144 उद्यान, फिर नए वन क्यों? विधानसभा में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार नगर निगम सीमा में 1144 उद्यान थे। जवाब में यह भी स्वीकार किया गया था कि कुछ उद्यानों में रखरखाव की कमी के कारण अतिक्रमण की स्थिति बनी थी और मरम्मत-नवीनीकरण की जरूरत थी। इसलिए नए नगर वन के साथ निगम के सामने चुनौती सिर्फ पौधे लगाने की नहीं, बल्कि पहले से मौजूद हरित परिसंपत्तियों के रखरखाव और उनके परिणाम मापने की भी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अहिल्या वन के नाम पर चिन्हित जमीनों में कितने पेड़ जीवित हैं, कितने स्थान विकसित हुए और कितने स्थानों का अस्तित्व मौके पर दिखाई देता है।

नए वन के साथ पुराने की मॉनिटरिंग भी जरूरी

2026 में शहर में बड़े स्तर पर पौधारोपण की योजनाएं भी सामने आई हैं और पौधों की देखरेख पर जोर दिया गया है। ऐसे में नमो हरित नगर वन की डीपीआर में पौधारोपण के साथ पांच साल की देखरेख, सिंचाई, पौधों की सर्वाइवल दर और बजट को शामिल करना अहम होगा।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें