न.प्र.)। द्विशताब्दी चातुर्मास–2026 के अंतर्गत कल केसरी वाटिका बिजासन रोड पर कविरत्न मोहनखेड़ा के प्रमुख विकास महापुरुष आचार्य देवेश श्रीमद् विजय विद्याचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के पुण्यस्मृति दिवस पर गुरु गुणानुवाद सभा एवं गुरुपद महापूजन का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेनसूरीश्वर म.सा. ने आशीवर्चन देने के साथ आचार्य के जीवन पर प्रकाश डाला। दादागुरुदेव आचार्य श्री यतीन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा था कि ‘विद्याचन्द्रसूरी को आचार्य बनाया जाए तथा पाट परम्परा में मुनि जयंत को उपाचार्य बनाया जाए।' इसी गौरवशाली पाट परम्परा में वर्तमान सुविशाल गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा., विश्वपूज्य आचार्य श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की परम्परा के सातवें पट्टाचार्य के रूप में धर्मशासन का प्रभावी नेतृत्व कर रहे हैं। मुनि सिद्धरत्न म.सा., मुनि चारित्ररत्न म.सा. एवं मुनि प्रशमसेन म.सा. ने गुरुपद महापूजन में सहभागिता की। राजेश जैन युवा, नरेन्द्र बोहरा, वीरेन्द्र लुंकड, नीरज सुराणा, महेन्द्र बागवाला सहित अन्य ने अपनी भूमिका निभाई।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




