इंदौर। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर 71 में घर में अकेली 9वीं कक्षा की एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना के वक्त माता-पिता घर से बाहर काम पर गए थे, जबकि उनका मूकबधिर भाई दूसरे कमरे में होने के कारण इस अनहोनी से अनजान रहा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है। रणजीत हनुमान के पीछे स्थित स्कीम नंबर 71 में रहने वाली 14 वर्षीय वैष्णवी पिता राजीव पुरी स्थानीय स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा थी। शनिवार को माता-पिता अपनी रोजी-रोटी के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। घर पर वैष्णवी के साथ उसका भाई मौजूद था, जो कि मूकबधिर है, जिसके चलते वह किसी भी प्रकार की आहट या आवाज पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे सका। बताया जा रहा है कि छात्रा ने अंदर से कमरे का दरवाजा कुंडी लगाकर फंदा लगा लिया। काफी देर तक जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा नहीं खुला, तो वहां पहुंची उसकी मौसी और उनके बेटों ने अनहोनी की आशंका के चलते किसी तरह दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए, वैष्णवी फंदे पर लटकी हुई थी। तत्काल घटना की सूचना द्वारकापुरी थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। शुरुआती जांच में आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 12 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




