सड़क के बीच डिवाइडर पर सेंट्रल लाइट लगाने का ठेका लेने के बाद भी दो साल तक काम शुरू नहीं करना ठेकेदार एजेंसी को भारी पड़ गया। इंदौर नगर निगम ने जोन- 4 के वार्ड 13 में इंदौर वायर कंपनी चौराहे से रामबली नगर मुख्य मार्ग पर सेंट्रल लाइट लगाने वाली मेसर्स आइव्यू मल्टीनेशनल प्रायवेट लिमिटेड भोपाल का ठेका निरस्त कर दिया है। निगम ने एजेंसी की अर्नेस्ट मनी, परफार्मेंस गारंटी समेत जमा राशि राजसात कर ली है। साथ ही अगले दो साल तक नगर निगम इंदौर के किसी भी टेंडर में भाग लेने पर रोक लगा दी है। था। इसके बाद भी एजेंसी ने काम शुरू नहीं किया। करीब नौ महीने तक इंतजार करने के बाद विद्युत विभाग के सहायक यंत्री ने 19 जून 2025 को काम शुरू करने का नोटिस जारी किया। इसके बाद 18 सितंबर और 23 अक्टूबर को फिर नोटिस दिए गए। 7 नवंबर 2025 को नगर शिल्पज्ञ ने भी एजेंसी को काम शुरू करने के निर्देश दिए।
अंतिम चेतावनियों का
निगम ने एजेंसी को 12 जनवरी 2026 और 16 मार्च 2026 को अंतिम नोटिस जारी किए। लगातार नोटिस के बावजूद न तो सेंट्रल लाइट लगाने का काम शुरू हुआ और न ही एजेंसी की ओर से नोटिस का जवाब दिया गया। इसके बाद अपर आयुक्त विद्युत विभाग ने 6 मई 2026 को टर्मिनेशन नोटिस जारी किया। 10 जुलाई 2026 को अंतिम टर्मिनेशन नोटिस के बाद निगम ने अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई पूरी कर दी।
रात में अंधेरे से जूझ रहे रहवासी और वाहन चालक
इंदौर वायर कंपनी चौराहे से रामबली नगर तक यह प्रमुख मार्ग है। सेंट्रल लाइट नहीं होने से रात के समय सड़क का डिवाइडर और आसपास का हिस्सा पर्याप्त रोशनी से वंचित है। इससे वाहन चालकों के साथ राहगिरों को भी परेशानी हो रही थी। निगम अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी को पर्याप्त अवसर और बार-बार नोटिस दिए गए, लेकिन काम शुरू नहीं किया गया। ऐसे में अनुबंध निरस्त करने के साथ जमा राशि राजसात और दो साल के लिए टेंडर में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की गई है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




