नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष में शहर से करीब 50 करोड़ रुपए कचरा शुल्क वसूलने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पहली बार कचरा संग्रहण व्यवस्था को सीधे राजस्व वसूली से जोड़ा गया है। अब कचरा गाड़ी सिर्फ कचरा उठाने के लिए नहीं, बल्कि बकाया शुल्क की जानकारी और वसूली का माध्यम भी बनेगी। निगम के इस नए प्रयोग से आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि कचरा शुल्क की वर्षों पुरानी बकाया राशि में कितनी वसूली हो पाती है और 88 कर्मचारियों को दिए गए लक्ष्य का मैदानी स्तर पर कितना पालन होता है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




