मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
इंदौर

3 हजार के चेक पर 5 हजार का खर्च, निगम फिर चेक बाउंस के जाल में उलझेगा

निगम के सामने चुनौती

3 हजार के चेक पर 5 हजार का खर्च, निगम फिर चेक बाउंस के जाल में उलझेगा

इंदौर। नगर निगम ने लोक अदालत में रिकॉर्ड 97 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाकर 100 करोड़ रुपए के लक्ष्य का 97 प्रतिशत हासिल कर लिया, लेकिन अब निगम के सामने इस वसूली को सुरक्षित रखने की चुनौती है। लोक अदालत में बड़ी संख्या में संपत्ति कर, जल कर सहित अन्य करों का भुगतान चेक से भी किया गया है। ऐसे में चेक बाउंस होने की पुरानी समस्या फिर सामने आने की आशंका है। नगर निगम में हर साल संपत्ति कर सहित अन्य मदों के करीब 2 हजार से अधिक चेक बाउंस होने के मामले सामने आते हैं। इसके बाद संबंधित राशि की वसूली के लिए निगम को न्यायालय का सहारा लेना पड़ता है। कई बार स्थिति यह बनती है कि चेक की राशि से ज्यादा खर्च उसकी वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया में हो जाता है। उदाहरण के लिए 3 हजार रुपए का चेक बाउंस होने पर उसके लिए कोर्ट केस लगाने और अन्य प्रक्रिया में करीब 5 हजार रुपए तक खर्च होने की स्थिति बन सकती है।

चेक बाउंस की समस्या से बचने के लिए राजस्व विभाग ने कुछ समय पहले सभी जोन के सहायक राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एक लाख रुपए से कम राशि के चेक स्वीकार नहीं किए जाएं। इसका प्रत्येक चेक की राशि कितनी मकसद छोटी राशि के चेक है, इसकी जानकारी जुटाई बाउंस होने पर होने वाले जाएगी। इसके बाद संबंधित कानूनी खर्च से निगम को संपत्ति करदाताओं से संपर्क कर बचाना था। हालांकि, यह चेक निगम के खाते में जमा व्यवस्था व्यावहारिक रूप से किए जाएंगे। निगम की लागू नहीं हो सकी। चेक के कोशिश होगी कि चेक बैंक में माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं लगाने से पहले यह सुनिश्चित करने को लेकर नियमों का कर लिया जाए कि संबंधित सवाल उठने के बाद निगम को करदाता के खाते में पर्याप्त अपने निर्देश में शिथिलता राशि मौजूद है। बरतनी पड़ी। नतीजा यह रहा कि एक लाख रुपए से कम के चेक भी स्वीकार होते रहे।

चेक बाउंस हुआ तो राशि लोक अदालत में बड़ी की वसूली से ज्यादा कोर्ट संख्या में चेक मिलने के बाद कार्रवाई का खर्च हो सकता है। निगम का राजस्व विभाग अब इसलिए अब निगम लोक इनकी समीक्षा करने में जुट अदालत में मिले चेकों को गया है। अपर आयुक्त ने लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत अधिकारियों को चेक से प्राप्त रहा है। अधिकारियों का प्रयास संपत्ति कर की विस्तृत रिपोर्ट है कि चेक बाउंस न हों और तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

पूरी राशि सीधे निगम के खाते इसमें कितने चेक मिले और में जमा हो जाए।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 14 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें