इंदौर नगर निगम के द्वारा नेहरू पार्क में बनाई गई पांच दुकानों को किराए पर देने के लिए पहल शुरू की गई है। इन दुकानों को 30 साल के लिए किराए पर दिया जाएगा। इसके लिए दुकान लेने के इच्छुक लोगों से प्रस्ताव बुलाए गए हैं।
नगर निगम के द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नेहरू पार्क का भी विकास किया गया है। विकास के नाम पर इस पार्क को पूरी तरह से नष्ट भ्रष्ट कर दिया गया है। इस पार्क में कहीं कोई जन सुविधा का ध्यान नहीं रखा गया। एक अच्छे बगीचे के रूप में पहचाने जाने वाले इस पार्क को सीमेंट कंक्रीट के जंगल के रूप में बदल दिया गया है। यही कारण है कि लोगों को पूरी तरह सुविधाजनक नजर आने वाला ऐतिहासिक नेहरू पार्क अब पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।
स्मार्ट सिटी कंपनी के द्वारा इस पार्क में विकास के नाम पर पहले चलने वाली बच्चों की रेल को एक बार फिर नए स्वरूप में तो चला
को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान मनोज पिता प्रेम लाल (49) निवासी व्यंकटेश विहार के रूप में हुई है। परिजनों और शुरुआती जांच के मुताबिक, दिया गया है लेकिन वहां से हरियाली को हटाकर जगह-जगह सीमेंट कंक्रीट के स्ट्रक्चर बना दिए गए हैं। इस स्थिति के कारण अब इस पार्क में घूमने के लिए जाने वाले लोगों को वह प्राकृतिक माहौल नहीं मिल पाता है जो कि पहले मिल जाता था। नगर निगम के अधिकारियों को यह उम्मीद थी कि विकास के बाद यह नेहरू पार्क इतना सुंदर हो जाएगा यहां पर बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने के लिए आने लगेंगे। इसी उम्मीद को ध्यान में रखते हुए नेहरू पार्क के परिसर में अंदर कई साल पहले पांच दुकान का
पीपली बाजार निर्माण किया गया था।
इसके बाद स्मार्ट सिटी कंपनी के द्वारा इन दुकानों का आवंटन करने और उन्हें संचालन के लिए देने की पहल की गई थी लेकिन किसी के भी द्वारा इस कार्य में रुचि नहीं ली गई। बाद में स्मार्ट सिटी कंपनी ने यह सभी दुकान इंदौर नगर निगम के मार्केट विभाग को हस्तांतरित कर दी। अब निगम के मार्केट विभाग के द्वारा इन दुकानों को किराए पर देने की पहल की गई है। मार्केट विभाग के द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में नेहरू पार्क में बनाई गई पांच दुकानों को प्रवेश अधिकार
स्थित जैन उपाश्रय में आज जैन इंदौर प्रीमियर लीग खेला शुल्क लेकर 30 साल के लिए किराए पर देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें जो लोग इन दुकानों को लेना चाहते हैं उनसे 21 सितंबर तक उनके प्रस्ताव खुलवाए गए हैं। इसमें जो सबसे ज्यादा प्रवेश अधिकार शुल्क देगा उसे दुकान किराए पर देने का फैसला लिया जाएगा। लोगों के द्वारा दिए गए प्रस्ताव को निगम के मार्केट विभाग के द्वारा 23 सितंबर को खोला जाएगा। इसके बाद फिर इन प्रस्ताव की समीक्षा की जाएगी और फिर इस बारे में फैसला लिया जाएगा।
जा रहा है, यह आयोजन का नाम भले ही क्रिकेट की तर्ज पर लिया गया है, लेकिन इसमें धार्मिक प्रश्नोत्तरी के आधार पर रन बनाए जा रहे हैं। शहर के अलग-अलग 12
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




