मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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28 भवन अनुज्ञा सहायकों के झोन में फिर फेरबदल

एक बार फिर कई सहायकों को कमाई वाला मनचाहा झोन मिल गया

नगर निगम में कल जारी किए गए एक आदेश में 28 भवन अनुज्ञा सहायकों के झोन में फिर बदलाव किया गया है। इसमें एक बार फिर कई सहायकों को कमाई वाला मनचाहा झोन मिल गया है। इन सहायकों को इस झोन से शिकायतों के बाद हटाया गया था और वापस वहीं पर भेज दिया गया है।

नगर निगम में सबसे कमाई वाली शाखा के रूप में भवन अनुज्ञा शाखा को माना जाता है। किसी भी व्यक्ति के द्वारा मकान का निर्माण करने के लिए जो नक्शा मंजूर कराया जाता है वह नक्शा इसी शाखा से मंजूर होता है। इस शाखा में अच्छे जोनल कार्यालय क्षेत्र में तैनात होने वाले इंजीनियरों की अंधी कमाई होती है। कल एक बार फिर नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा में विभिन्न झोन में कार्यरत सहायक कर्मचारियों के झोन में फेरबदल किया गया है। विभिन्न झोन में कार्यरत सहायकों के झोन की अदला-बदली कर दी गई है। इस बार किए गए परिवर्तन की खास बात यह है कि पुराने सभी सहायकों को ही इसमें स्थान दिया गया है। किसी को कार्यकाल में भवन अनुज्ञा शाखा में ना ही हटाया गया है और ना ही कोई नया कर्मचारी इसमें शामिल किया गया है। लगातार मिल रही शिकायतों के चलते यह फेर बदल किया गया है। बताया जाता है कि इस बार फेर बदल में कई सहायकों की मुराद पूरी हो गई है। वह जिस मलाईदार झोन में जाना चाहते थे उन्हें वहीं भेज दिया गया है।

बताया जाता है कि तत्कालीन नगर निगम आयुक्त मनीष सिंह ने अपने श्रीमंत तुकोजीराव महाराजा क्लाथ मार्केट मर्चेन्ट एसोसिएशन की असाधारण सभा आज दोपहर 3 बजे होगी। बैठक में कार्यकारिणी एवं पदाधिकारी चुनाव की पुष्टि चुनाव दरोगा सिस्टम को समाप्त कर दिया था। कारण था कि उन्हें बड़ी संख्या में दरोगाओं द्वारा वसूली करने की शिकायतें मिल रहीं थी। दरोगा तो बीओ, बीआई की वसूली का माध्यम बन गए थे। लेकिन बाद में फिर से सहायक के रूप में हर झोन में दरोगा नियुक्त कर दिए गए। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि अवैध निर्माण होने पर नोटिस देने के लिए इन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इस नोटिस के माध्यम से ही वसूली का काम किया जाता है। जितने लोगों को नोटिस दिए जाते हैं उतने लोगों पर कार्रवाई नहीं होती है। नोटिस देने के बाद सौदा फिर वसूली का गोरख धंधा शुरू होने करते हुए अवैध निर्माण को बचाने का रास्ता साफ हो गया है।

क्लाथ मार्केट में बैठक आज

समिति द्वारा की जाएगी। इसके अलावा वैष्णव सहायक ट्रस्ट के किरायेदार भी का काम किया जाता है। वास्तविक रूप में ज्यादातर सहायक कर्मचारी फिर वसूली में लग गए हैं। इस बार हुए फेर बदल के पूर्व सभी बीओ, बीआई से उनकी पसंद के सहायक के नाम मांगे गए थे। सबने अपनी पसंद के सहायक के नाम दिए थे। इस सूची में कुछ ऐसे सहायक भी शामिल हैं जिन्हें शिकायतों के चलते पहले जिस झोन से हटाया गया था उन्हें इस बार फिर से उसी झोन में भेजा गया है। कल शाम को जारी किए गए फेर बदल के इस आदेश से निगम की इस शाखा में एक बार

अपने किरायेदारी मामले को लेकर पदाधिकारियों से बैठक में चर्चा करेंगे। इधर इन्दौर टेक्सटाइल फेयर की तैयारियां भी शुरू हो गई है। 28 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक पांच दिवसीय फेयर का आयोजन कपड़ा मार्केट परिसर में होगा।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें