सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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20 और अवैध कॉलोनियां होंगी वैध, हजारों प्लॉटधारकों को राहत

शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया अब रफ्तार पकड़ रही है। नगर निगम के कॉलोनी सेल ने 236 कॉलोनियों में से 154 को पहले ही वैध कर…

शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया अब रफ्तार पकड़ रही है। नगर निगम के कॉलोनी सेल ने 236 कॉलोनियों में से 154 को पहले ही वैध कर दिया है। अब 20 और कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। सरकारी विभागों से जरूरी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मिलने के बाद इन कॉलोनियों के लेआउट प्लान जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके बाद दावे- आपत्तियां बुलाकर उनका निराकरण किया जाएगा और विकास शुल्क जमा कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।

बैंक ऋण मिलने का रास्ता होगा स़ाफ- कॉलोनी

सेल के अधिकारियों के मुताबिक नजूल, आईडीए, टीएंडसीपी और हाउसिंग बोर्ड से एनओसी मिल चुकी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और कॉलोनी सेल प्रभारी राजेश उदावत की मंजूरी के बाद अब लेआउट प्रकाशित करने की कार्रवाई की जा रही है। नियमितीकरण पूरा होते ही संबंधित खाली प्लॉटों के भवन नक्शे निगम से मंजूर हो सकेंगे। साथ ही बैंक ऋण मिलने का रास्ता भी साफ होगा।

ये कालोनियां होगी वैध-

इनमें बिचौली हप्सी की प्रगति एवेन्यू, लिंबोदी की श्रीकृष्ण विहार, निहालपुर मुंडी के सप्तश्रृंगी नगर का हिस्सा, पालदा का शिव- पार्वती नगर, ग्राम कस्बा इंदौर की गुरमीत नगर, सिंकदराबाद कॉलोनी, सुल्काखेड़ी की गौरव नगर एक्सटेंशन, बिलावली का श्री यंत्र नगर सेक्टर-ए, गाडराखेड़ी की हम्माल कॉलोनी और बिजलपुर की सनशाइन रेसिडेंसी शामिल हैं। इसके अलावा मूसाखेड़ी, चितावद, छोटी खजरानी, बाणगंगा, आजाद नगर, बिचौली मर्दाना और खजराना क्षेत्र की कॉलोनियां भी सूची में हैं।

154 कॉलोनियों से मिले

सिर्फ 25 करोड़- निगम को अब तक नियमित की गई 154 कॉलोनियों से विकास शुल्क के रूप में करीब 25 करोड़ रुपए ही मिले हैं, जबकि करीब 100 करोड़ रुपए की आय का अनुमान था। अधिकारियों के मुताबिक प्लॉटधारकों के विकास शुल्क जमा कराने के लिए आगे नहीं आने से लक्ष्य के मुकाबले कम राशि मिल रही है।

मकान पर नहीं, प्लॉट पर नक्शा होगा पास-

नियमितीकरण के बाद खाली प्लॉट पर भवन अनुज्ञा लेकर निर्माण किया जा सकेगा। पहले से बने मकानों का नक्शा नियमित नहीं होगा, लेकिन मॉर्गेज के आधार पर बैंक ऋण का रास्ता खुल सकता है। वहीं विकास शुल्क और भवन अनुज्ञा शुल्क से निगम की आय भी बढ़ेगी।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें