कल शाम को 12 घंटे की अवधि के दौरान इंदौर में चार नेत्रदान संपन्न हो गए। इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को नई आंखें मिल सकी।
नेत्रदान अभियान में लगी संस्था मुस्कान से मिली जानकारी के अनुसार कुमारी रिद्धिका राठौड़, सरदार त्रिलोचन सिंह, दिलीप मेहता व महेश हर्निया के निधन पर उनके परिवार जनों के द्वारा नेत्रदान किया गया। ये लोग इस संसार में नहीं रहे। सभी परिवार जनों ने दुख की घड़ी में परमार्थ के भाव से नेत्रदान का कार्य संपन्न किया। इनमें से दो नेत्रदान एम वाय आई बैंक एवं दो नेत्रदान एम के इंटरनेशनल आई बैंक में
आम्बेडकर नगरी महू क्षेत्र के 5 ढाबा और 1 अहाता पर कार्रवाई की गई। इन्हें अवैध कब्जाधारी के रूप में प्रशासन ने हटाया। प्रशासन के पास अवैध शराब बिक्री और अहातों की शिकायतें आई थी। एसडीएम राकेश परमार के मार्गदर्शन में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त अभियान चलाया। अवैध शराब भी जब्त की गई और यहां उपयोग किए जा रहे घरेलू गैस सिलेंडर को भी कब्जे में लिया गया। जीतू बगानी, गोपाल सिरोके, डॉ. नीतू कोरी एवं डॉ. प्रतिभा के तकनीकी सेवाओं द्वारा संपन्न हुए।
इसके साथ ही दिलीप मेहता के त्वचादान चोइथराम स्किन बैंक में जयवंत निकम की तकनीकी टीम द्वारा प्राप्त किए गए। समन्वय सेवा सत्यनारायण पटेल, तरुण पाहवा, धर्मेंद्र कोठारी एवं कपिल
महादेव राठौड़ द्वारा प्राप्त हुई। इंदौर में कार्यरत तीन आई बैंक, एक स्कीन बैंक की सशक्त तकनीकी उपलब्धता से यह संभव हो सका। जो नेशनल गन किए गए वह नेत्र तत्काल जरूरतमंद मरीजों को लगा दिए गए। इसके परिणाम स्वरूप इन मरीजों के जीवन में अंधेरे के बीच में प्रकाश की किरण आ गई। अंगदान के क्षेत्र में इंदौर के द्वारा लगातार कीर्तिमान बनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा अंगदान इंदौर में होते हैं। इसके साथ ही नेत्रदान और त्वचा दान का सिलसिला भी अब बढ़ता जा रहा है। लोगों में इस बात की जागरूकता आ रही है कि हम इस दुनिया से जाते हुए दूसरे के जीवन में रोशनी देते हुए जाएं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 5 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




