चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को छात्र- युवाओं ने रीगल तिराहा पर प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आम जनता के बीच गंभीर सवाल और आशंकाएं उठ रही हैं। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिससे उनके मतदान के अधिकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्र- युवाओं के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी आक्रोश जताया। सोनू शर्मा ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान सार्वजनिक रूप से करने तथा मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तत्काल दूर करने की मांग की। इस दौरान अरुण बड़ोले, सुमित सोलंकी, शिवांगी सिसोदिया सहित अन्य छात्र- युवा साथियों ने भी अपने विचार रखे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। कार्यक्रम के अंत में प्रमोद नामदेव ने कहा कि देश के युवाओं को शिक्षा, रोजगार, जनसमस्याओं और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दों पर संगठित होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख रूप से एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई। कार्यक्रम का संचालन अर्जुन सिंह राजपूत ने किया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




