लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति और अवैध लेन-देन के गंभीर मामले में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में पदस्थ प्रधान (पीटीसी) आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार तड़के प्रधान आरक्षक के इंदौर और देवास स्थित 15 अलग- अलग ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग कार्रवाई शुरू की गई। जांच में आरोपी प्रधान आरक्षक के पास उसकी वैध आय से लगभग 223 प्रतिशत अधिक यानी 6 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है।


लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत मिली थी कि पीटीसी मे पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान विभाग से लगातार अनुपस्थित रहकर पुलिस पद के प्रभाव से देवास और आसपास के क्षेत्रों में विवादित जमीनों, भूखंडों और रियल एस्टेट कारोबार में हस्तक्षेप कर रहा है। वह अपनी पत्नी, माता और परिचित रोशनी वर्मा के नाम से बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त कर रहा था। उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान द्वारा की गई प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी की वेतन से अनुमानित आय लगभग 75 लाख गया, जो कि आय के ज्ञात स्रोतों से
इंदौर के 4, देवास के 11 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन संभाग की संयुक्त टीमों द्वारा इंदौर के 4 और देवास के 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जांच के दौरान लोकायुक्त की टीमों को देवास के आदर्श नगर स्थित निज निवास, देवास सीनियर वार्ड क्रमांक 30 स्थित मकान, इंदौर के बाणगंगा स्थित महेश यादव नगर में सह-आरोपी रोशनी वर्मा के निवास और रिंग रोड इंदौर स्थित मनोरमा अपार्टमेंट स्कीम नंबर 94 में आरोपी की माता के नाम दर्ज दो फ्लैट्स का पता चला है। इसके अलावा श्रीनगर कॉलोनी मेन स्थित श्रीदेवी अपार्टमेंट में फ्लैट, देवास के वार्ड क्रमांक 7 स्थित पुष्पकुंज कॉलोनी व अवंतिका इटावा क्षेत्र में कई भूखंड, देवास विकास प्राधिकरण की विजय नगर कॉलोनी में एचआईजी जूनियर भवन तथा इंदिरा गांधी नगर कॉलोनी में स्थित दो भूखंडों की जानकारियां भी सामने आई हैं।
जांच में सामने आई बेशकीमती संपत्तियां
जमीन और कृषि संपत्ति की पड़ताल में लोकायुक्त को देवास के ग्राम गजीपुरा बागली में सर्वे क्रमांक 142 व 82 की कृषि भूमियां, सांवेर के ग्राम गुरान में 10.2 बीघा व 11.77 बीघा कुल लगभग 22 बीघा कृषि भूमि, देवास बायपास स्थित ग्राम जेतपुरा में व्यावसायिक व कृषि भूखंड तथा ग्राम गद्दूखेड़ी में भी कृषि भूमि दर्ज पाई गई है। इतना ही नहीं, देवास के राधागंज में आरोपी के चालक नफीस खान के आवास पर भी दबिश दी गई है। व्यावसायिक निवेश की जांच में आरोपी की माता व पत्नी के नाम 'साहिल ट्रेडिंग कंपनी' नामक फर्म मिली है, जिसके बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है। वहीं सह-आरोपी रोशनी वर्मा द्वारा रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म का संचालन करने तथा आरोपी फिरोज खान द्वारा रॉयल ग्रीन रियल स्टेट के माध्यम से बड़े पैमाने पर जमीनों के सौदों में निवेश करने की बात भी सामने आई है। जांच में यह बात भी साबित हुई है कि सांवेर के ग्राम गुरान में एक पारिवारिक भूमि विवाद का फायदा उठाकर फिरोज खान ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम से लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया था। यह भूमि परोक्ष रूप से फिरोज खान द्वारा ही खरीदी जा रही थी, जिसके आधार पर रोशनी वर्मा को भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है।
125 कर्मचारियों की टीम छापे की कार्रवाई में शामिल
लोकायुक्त की इस व्यापक कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान, डीएसपी दीपक सेजवार, डीएसपी आनंद चौहान, डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल और निरीक्षकों सहित लगभग 125 अधिकारियों और कर्मचारियों का दल शामिल है। पुलिस की टीमें सभी 15 ठिकानों पर दस्तावेज, बैंक लॉकर, सोने-चांदी के आभूषणों और वाहनों का विस्तृत ब्योरा खंगाल रही हैं। लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी कई बेनामी संपत्तियों का खुलासा होने की संभावना है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 14 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 12 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



