रेलवे स्टेशन पर जब ट्रेन ने सीटी बजा दी थी और आगे बढ़ने लगी थी उसी समय पर एक महिला ने आवाज लगाई और ट्रेन को रोकने का इशारा किया। इस महिला के इशारे पर ट्रेन रुक गई। इंदौर के मुख्य रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक अजीब वाकया हो गया। इस वाकया के अनुसार एक वृद्ध महिला यात्री के लिए ट्रेन कुछ सेकंड के लिए रोक दी गई। महिला यात्री एक संतोष भरी मुस्कान के साथ कोच में सवार हो गई और फिर ट्रेन चल पड़ी। हुआ यूं कि सुबह महू से रतलाम तक चलने वाली डेमू ट्रेन सुबह दस बजे रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी।
जैसे ही ट्रेन के जाने का समय हुआ वैसे ही ट्रेन की सीटी बजी और ट्रेन जाने के लिए तैयार हुई। इस बीच लाल रंग की साड़ी पहने महिला जोर-जोर से ‘ट्रेन रोको-ट्रेन रोको’ चिल्लाने लगी। इंजन से रेलवे कर्मचारी की नजर महिला पर पड़ी। महिला ने फिर हाथ से ट्रेन रोकने का इशारा किया। इसके बाद कुछ देर के लिए ट्रेन रुक गई और महिला पीछे चल रही एक वृद्ध महिला का हाथ पकड़कर उसे कोच तक लाई और कोच में बैठा दिया। ट्रेन छूटने के डर से चिंतित महिला यात्री जब डिब्बे में सवार हुई तो उसने चैन की सांस ली और ट्रेन नहीं छूटने के संतोष का भाव भी उसके चेहरे पर नजर आया। स्टेशन पर मौजूद कई लोगों ने इस दृश्य को देखा और कहा कि यदि ट्रेन नहीं रोकी जाती तो महिला इस ट्रेन में सफर नहीं कर सकती थी क्योंकि वृद्धावस्था के कारण ट्रेन में उनका सवार होना मुश्किल था। वैसे ऐसा अमूमन नहीं हो पाता है कि आवाज लगाने से ट्रेन रुक जाएं। आवाज लगाकर हम बस या किसी अन्य यात्री परिवहन वाहन को तो रोक सकते हैं लेकिन ट्रेन को नहीं रोक सकते हैं। रविवार को जब रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार इंदौर में थे तब ट्रेन का इस तरह से रुकना भी
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 7 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




