मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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संपादकीय महंगाई की मार: विकास के आंकड़ों के बीच आम आदमी की जेब क्यों हो रही ढीली

हले चीनी महंगी हुई, फिर सीएनजी के दाम बढ़े और अब व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडर के दाम में साढ़े नौ रुपए तथा विमान ईंधन की कीमतों में 5.46 फीसद की…

हले चीनी महंगी हुई, फिर सीएनजी के दाम बढ़े और अब व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडर के दाम में साढ़े नौ रुपए तथा विमान ईंधन की कीमतों में 5.46 फीसद की बढ़ोतरी की गई। देश में बढ़ती महंगाई आज आम आदमी के जीवन से जुड़ी सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से न केवल लोगों की क्रयशक्ति कम हो रही है, बल्कि सीमित आय में खर्च बढ़ने से घरेलू बजट का संतुलन भी बिगड़ रहा है। यह विचित्र बात है कि एक तरफ सरकार की ओर से विकास दर के चमचमाते आंकड़े दिखाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ आम लोगों की जेब ढीली होती जा रही है। पहले चीनी महंगी हुई, फिर सीएनजी के दाम बढ़े और अब व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडर के दाम में साढ़े नौ रुपए तथा विमान ईंधन की कीमतों में 5.46 फीसद की बढ़ोतरी की गई। जाहिर है कि इससे भोजन की थाली और हवाई यात्रा का महंगा होना तय है। सवाल है कि जब आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, तो फिर महंगाई को नियंत्रण में रखने के सरकार के दावों का क्या मतलब रह जाता है क्या सरकार ने बाजार को पूरी तरह खुला छोड़ दिया है, ताकि वह मनमाने तरीके से कीमतें तय कर सके! त्योहारों से पहले खुदरा महंगाई जिस तरह बढ़ी है, वह वास्तव में चिंता का विषय है। पिछले दिनों चीनी और प्याज के दाम बढ़ने का असर हर वर्ग पर पड़ा है। रसोई में इस्तेमाल होने वाली हर चीज अब महंगी हो चुकी है। वहीं, सरकारी आंकड़ों में कहा गया है कि सकल घरेलू उत्पाद में अनुमान से कहीं अधिक वृद्धि हुई है। इसके लिए सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन सवाल है कि इस वृद्धि को दर्ज करते समय महंगाई के आंकड़ों पर गौर क्यों नहीं किया गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाल में सीएनजी के दाम तीन रुपए नवासी पैसे बढ़ाए गए थे, जबकि मुंबई में दो रुपए बढ़ाए गए हैं। साफ है कि आम लोगों को अब ऑटो-टैक्सी का अधिक किराया देना पड़ सकता है। कुछ समय पूर्व दिल्ली में दूध के दाम बढ़े थे, अब मुंबई में इसकी कीमतें बढ़ाई गई हैं। सरकार को इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि आर्थिक प्रगति का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब वस्तुओं की कीमतों को भी नियंत्रण में रखा जाएगा।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें