सोचना जरूरी है। नगर निगम यदि शुल्क लेकर सेंटरों तक ट्रीटेड पानी पहुंचाने की व्यवस्था कर दे, तो संचालक भूमिगत जल का उपयोग कम कर सकते हैं। उनका कहना है कि ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाए और इसकी नियमित सप्लाई सुनिश्चित हो, तो सेंटर संचालक भी व्यवस्था अपनाने के लिए तैयार हो सकते हैं। अब सवाल यह है कि पानी बचाने की अपील के साथ नगर निगम वाहन धुलाई जैसे व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए ट्रीटेड पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कब कदम उठाएगा। इससे रोजगार भी बना रहेगा और पीने योग्य पानी तथा भूमिगत जल पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 22 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




