पश्चिम बंगाल में नाबालिग लड़कियों की डिलीवरी के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। जनवरी से जून 2026 के बीच राज्य में करीब 60 हजार अंडरएज डिलीवरी दर्ज हुई हैं। याने कि हर रोज 300 से ज्यादा नाबालिग लड़कियां बच्चों को जन्म दे रही हैं। सबसे ज्यादा मामले मुर्शिदाबाद से सामने आए, जहां 12,847 डिलीवरी दर्ज हुईं। साउथ 24 परगना और पूर्व बर्धमान भी टॉप जिलों में हैं। 15 साल से कम उम्र की लड़कियों के मामले भी सामने आए हैं। अब सरकार घर-घर जाकर नाबालिग शादी और गर्भावस्था की पहचान करने की तैयारी में है। नाबालिग लड़कियों के पति से उम्र के दस्तावेज मांगे जाएंगे और बाल विवाह कराने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




