राज्य सरकार के द्वारा इंदौर की तर्ज पर भोपाल को भी भिक्षुक मुक्त करने का अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए इंदौर में काम करने वाली संस्था प्रवेश को ही भोपाल में भी काम करने की जिम्मेदारी दी गई है।
भोपाल को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने के लिए भोपाल नगर निगम, सामाजिक न्याय विभाग और संस्था प्रवेश के द्वारा मिलकर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। भोपाल के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने इस अभियान को शुरू करवाने की कमान संभाली है। उनके द्वारा यह घोषणा की गई है की भीख मांगने वाले लोगों को जिस स्थान पर वह भीख मांगते हैं वहां से रेस्क्यू किया जाएगा और फिर उन्हें संस्था प्रवेश के आश्रम में रखकर तैयार किया जाएगा और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसमें इन लोगों को पुनर्वास करने के लिए उनकी काउंसलिंग भी की जाएगी। इंदौर की तर्ज पर काम करने के लिए भोपाल में जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा इस अभियान के तहत लोगों से यह अपील की जाएगी की कोई भी व्यक्ति भीख मांगने वाले लोगों को भीख नहीं दें। इंदौर में कलेक्टर के द्वारा यह अभियान चलाया गया था कि जो भीख देते हुए मिलेगा उसे पकड़ा जाएगा और उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भीख मांगने वाले व्यक्ति के बारे में सूचना देने वाले लोगों को 1000 का इनाम दिया जाएगा। अभी भोपाल में इस तरह का प्रावधान तो नहीं किया गया है लेकिन हां जल्द ही वहां पर अब इस तरह की व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है।
ध्यान रहे की संस्था प्रवेश के द्वारा रुपाली जैन के नेतृत्व में जब तक इंदौर में इस अभियान को चलाया जा रहा था तब तक इंदौर भिक्षुक मुक्त हो गया था। अब जब इस संस्था को अलग हटा दिया गया है और राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा इस अभियान को चलाया जा रहा है तो इंदौर एक बार फिर भिक्षुक युक्त होता हुआ नजर आ रहा है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




