मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा इंदौर से भोपाल के बीच में देवास जिले के अंतर्गत आने वाले फंदा टोल नाके पर नई व्यवस्था को आकार दिया गया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत इस टोल नाके से गाड़ियां बिना ब्रेक लगाए और बिना रुके 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलते हुए सीधे निकल सकेगी। इस टोल नाका को ऑटोमेटिक टोल नाका के रूप में परिवर्तित किया गया है। अभी इस टोल नाका की एक लाइन पर यह प्रयोग शुरू किया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो फिर पूरे टोल नाके पर ही इस प्रयोग को आकर दे दिया जाएगा।
इस टोल नाका को बैरियर लैस टोल नाका के रूप में परिवर्तित करने के लिए यहां पर फास्टैग रीडर, सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं। जैसे ही कोई गाड़ी इस टोल नाका से गुजरेगी वैसे ही सेंसर के माध्यम से गाड़ी की कैटेगरी को पहचानने का काम करेगा इसके बाद में फास्टेग रीडर के माध्यम से गाड़ी के फास्टैग से टोल की राशि काट ली जाएगी। इस नई व्यवस्था को लागू कर दिए जाने से लोगों का टोल नाका पर रूकने का समय बचेगा। इसके साथ ही गाड़ी में ब्रेक लगाने से जो स्पीड समाप्त हो जाती है और फिर वापस गाड़ी शुरू करने पर वह स्पीड बनाने में जितना ईंधन जलता है वह भी बच जाएगा। यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा टोल नाका होगा जिसमें की इस नई व्यवस्था को आकार दिया जा रहा है।
इस व्यवस्था को लागू किए जाने से इंदौर से भोपाल जाने वाले नागरिकों को अभी फायदा मिल सकेगा। इस व्यवस्था के सफल होने पर जब इस पूरे टोल नाका को इस व्यवस्था में तब्दील कर दिया जाएगा तो फिर भोपाल जाने के साथ भोपाल से आने वाले नागरिकों को भी फायदा मिल सकेगा। इस तरह के टोल नाके देश के 6 राज्यों में एक-एक स्थान पर बने हुए हैं। अब इन 6 राज्यों की सूची में मध्य प्रदेश भी शामिल हो गया है। मध्य प्रदेश में इस एक टोल नाका पर की गई व्यवस्था के सफल होने पर यह प्रयोग अन्य टोल नाका पर भी दोहराया जा सकता है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




