भोपाल शिक्षा विभाग के आदेश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संकुल प्राचार्य और जिला परियोजना समन्वयक को पत्र भेजकर निर्देश दिए कि पोषण माह 2026 के अंतर्गत विद्यालयों में शुगर बोर्ड लगाने एवं शुगर के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूकता लाने हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाए। इस मामले में शिक्षा विभाग के पास राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का पत्र भी आया था और उसके बाद कलेक्टर का पत्र भी पहुंचा था। स्कूलों में यह बताना होगा कि खाद्य पदार्थों में शुगर की मात्रा एवं शुगर के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूकता लाने हेतु समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अनिवार्यतः शुगर बोर्ड लगाए जाने है। शुगर बोर्ड विद्यालय में ऐसे स्थान पर लगाए जाए जहां विद्यार्थी इन्हें आसानी से देख सकें। इन शुगर बोर्ड पर खाद्य पदार्थों में शुगर की मात्रा, अधिक शुगर से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, एवं शुगर के स्वस्थ विकल्पों की जानकारी होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त अन्य गतिविधियों के द्वारा भी विद्यार्थियों में शुगर के संभावित दुष्प्रभावों के विषय में जागरूकता उत्पन्न करना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। अब सभी स्कूलों में 15 दिन के अंदर शुगर बोर्ड लगाना है और शुगर की जागरूकता का संदेश विद्यार्थियों को देकर इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजना होगी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



