शहर में विज्ञापन से कमाई बढ़ाने की नगर निगम की योजना में यातायात सुरक्षा के नियम पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। विज्ञापन एजेंसियां अपनी सुविधा और मनमाफिक लोकेशन पर होर्डिंग और स्क्रीन लगाने के लिए जगह चुन रही हैं। इनकी वजह से वाहन चालकों का ध्यान भटकने, यातायात बाधित होने और दुर्घटना की आशंका जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किए जाने के आरोप हैं। हैरानी यह है कि निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कुछ लोकेशन पर आपत्ति उठाई थी, लेकिन इसके बावजूद बस स्टॉप बनाने का काम तेजी से जारी है। दूसरी ओर, विज्ञापन के अधिकार 12 साल तक के लिए एजेंसियों को दिए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबे समय के लिए तय की जा रही इस व्यवस्था में यातायात सुरक्षा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही?
विजयनगर चौराहे पर फुटपाथ पर बनाया बस स्टॉप
शहर में करीब 200 बस स्टॉप बनाए जाने की योजना है। इनमें से 43 बस स्टॉप बीआरटीएस कॉरिडोर पर बनाए जा रहे हैं। लेकिन कुछ स्थानों के चयन पर सवाल उठ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर विजयनगर चौराहे पर अपना स्वीट्स के सामने फुटपाथ पर बस स्टॉप बनाया गया है। व्यस्त चौराहे के पास इस तरह की संरचना होने से पैदल यात्रियों और वाहन चालकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। यातायात व्यवस्था के लिहाज से बस स्टॉप की जगह तय करते समय चौराहे से दूरी, सड़क की चौड़ाई और वाहनों के प्रवाह का आकलन जरूरी है।
होर्डिंग और स्क्रीन से भटक सकता है वाहन चालकों का ध्यान
विज्ञापन होर्डिंग और डिजिटल स्क्रीन का आकार और स्थान तय करते समय यह देखना जरूरी है कि वे वाहन चालकों की दृश्यता और यातायात संकेतों को प्रभावित न करें। व्यस्त चौराहों और मोड़ों के पास चमकदार स्क्रीन या बड़े विज्ञापन ध्यान भटका सकते हैं। बस स्टॉप के साथ विज्ञापन लगाने की अनुमति देते समय भी इन पहलुओं की जांच जरूरी है।
अधिकारी की आपत्ति के बाद भी काम जारी
सूत्रों के मुताबिक, नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बस स्टॉप की कुछ लोकेशन को लेकर आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद इन स्थानों पर काम आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विज्ञापन एजेंसियों के लिए जगह तय करते समय यातायात विभाग और निगम के तकनीकी अधिकारियों की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है? विज्ञापन से राजस्व बढ़ाना निगम के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन इसके बदले यातायात सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। 12 साल के ठेके से पहले लोकेशन, स्क्रीन के आकार और सुरक्षा मानकों की समीक्षा जरूरी है, ताकि शहर की सड़कें विज्ञापन के साथ- साथ सुरक्षित आवाजाही के लिए भी बनी रहें।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






