देशभर के किसान संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के विरोध में 22 जुलाई को 'एफटीए विरोधी किसान संकल्प दिवस' मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर इंदौर जिले के किसान छावनी मंडी में एकत्र होकर संकल्प लेंगे कि वे ऐसे किसी भी व्यापारिक समझौते का विरोध करेंगे, जिससे भारतीय कृषि, किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। किसान एकत्र होकर एफटीए के विरोध में संकल्प लेंगे तथा अमेरिकी सरकार और एफटीए का प्रतीकात्मक पुतला दहन करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया, शैलेन्द्र पटेल एवं सोनू शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते भारतीय कृषि, किसानों की आय और देश की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। उनका कहना है कि ऐसे समझौतों से विदेशी कृषि उत्पादों का आयात बढ़ेगा, जिससे देश के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलना मुश्किल होगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 18 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें


