राज्य सरकार के द्वारा दिए गए निर्देश के आधार पर इंदौर नगर निगम के द्वारा आज एक दिन की कार्यशाला आयोजित की गई है। इसका कार्यशाला में पूरे इंदौर संभाग के जन्म प्रतिनिधियों को स्वच्छता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की ओर से इंदौर नगर निगम को यह निर्देश प्राप्त हुआ कि इंदौर संभाग के ग्रामीण स्तर तक के जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता की स्थिति को समझने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया जाए। इस निर्देश में कहा गया कि भारत सरकार के द्वारा स्वच्छता के लिए जो वर्ष 2026 में नए नियम बनाए गए हैं उन नियमों की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों को दिया जाना आवश्यक है। जब तक इन लोगों को जानकारी नहीं होगी तब तक यह लोग अपने क्षेत्र में नियम का पालन नहीं करवा सकेंगे। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आज इंदौर नगर निगम के द्वारा सोलरिस गार्डन में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में भाग लेने के लिए कल शाम तक 250 जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपने पंजीयन करवा लिए गए थे। जिन जनप्रतिनिधियों के द्वारा अब तक अपने पंजीयन नहीं करवाए गए हैं वे लोग यदि सीधे कार्यशाला में आते हैं तो वहां पर भी उनका पंजीयन कर दिया जाएगा। इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों के द्वारा इन जनप्रतिनिधियों को यह भी बताया जाएगा कि किस तरह से अपशिष्ट का निस्तारण किया जाना चाहिए। जो परंपरागत निस्तारण की पद्धति है उसके अलावा नई पद्धति की जानकारी भी इन जनप्रतिनिधियों को दी जाएगी। इस कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों को अपडेट करने के लिए फीडबैक फाउंडेशन के अजय सिन्हा भी इंदौर आए हैं। वह पिछले 30 वर्षों से स्वच्छता के क्षेत्र में ही काम कर रहे हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 17 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




