मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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पौधारोपण और वाटर रिचार्जिंग में लगा नगर निगम

बाकी सारे कार्यों से हट गया अधिकारियों का ध्यान, सुबह से शाम तक एक ही व्यवस्था में हो गए व्यस्त

नगर निगम के अधिकारी पौधारोपण और वाटर रिचार्जिंग के काम में लगे हुए हैं। ऐसे में बाकी सारे कामों से इन अधिकारियों का ध्यान हट गया है। सुबह से शाम तक इन कामों की व्यवस्थाओं में ही व्यस्त हो गए हैं।

बारिश के मौसम के हिसाब से पौधा रोपण और बारिश के पानी को जमीन के अंदर पहुंचाने के लिए वाटर रिचार्जिंग का काम अभियान के रूप में शुरू हो गया है। नगर निगम का लक्ष्य है कि इस बार के बारिश के मौसम में पूरे शहर में कुल 21 लाख पौधे लगाना है। इसके साथ ही वाटर रिचार्जिंग की 21000 यूनिट भी पूरे शहर में तैयार करवाना है। जिन स्थानों पर पूर्व से वाटर रिचार्जिंग की यूनिट बनी हुई है वहां पर उस यूनिट की साफ सफाई करवा कर उसे क्रियाशील रूप में परिवर्तित करना है।

इस लक्ष्य के निर्धारण के साथ ही नगर निगम के अधिकारी सारे कामों से अलग हटकर केवल इन कामों में लग गए हैं। आज ग्राम बुडानिया में पौधारोपण के महा अभियान की शुरुआत होने जा रही है। वहां पर पौधारोपण करने के लिए 51000 गड्ढे किए गए हैं। इसमें कम से कम 5 फीट की ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाएंगे। पथरी जमीन होने के कारण छोटी साइज के पौधे लगाने पर वह पौधे पनप नहीं पाते हैं। इस कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारी पिछले तीन दिन से व्यवस्थाओं को आकार देने में लग गए हैं। मजदूर लगाना और निगम के उपकरण भेज कर इतनी बड़ी संख्या में गड्ढे तैयार करवाना एक बड़ी चुनौती का काम था। इस चुनौती पर सफलता पाने में निगम में अपने सारे अधिकारियों को लगा दिया था। इसके साथ ही सारे जोनल कार्यालय के मजदूर भी वही लग गए।

एक स्थान पर व्यवस्थाओं को आकार देने में पूरे शहर का नगर निगम लग गया। जिसके चलते हुए बाकी सभी कामों से अधिकारियों का ध्यान हट गया है। मास्टर प्लान की जिन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है उनमें प्रगति की स्थिति पर नजर रखने का काम भी नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही सड़कों के निर्माण में क्या बाधा आ रही है उसे दूर करने पर भी ध्यान नहीं दिया जा सका है।

निगम के अधिकारियों का कहना

पटेल ब्रिज पर जो जालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो है कि एक बार में एक ही तरफ फोकस किया जा सकता है। वैसे भी हमेशा से यह आवाज उठती रही है कि नगर निगम को पानी के मामलों के लिए अलग से एक टीम बना देना चाहिए। यह टीम 12 महीने केवल पानी के कम पर लगी रहे। नर्मदा पेयजल योजना से पानी का सप्लाई हो या

है कि उससे आवश्यकता की पूर्ति हो जाती है।

गई थी उन्हें फिर से लगाकर

मरम्मत करने का कार्य पूरा हो चुका है। उल्लखनीय है कि 11

प्रसाद, रमेश चौकसे प्रमुख है। राजेश चौकसे काका को सर्वाधिक 703 मत प्राप्त हुए और सदस्य पद पर खड़े धर्मेन्द्र चौकसे को 677 मत मिले। हारने वालों में सबसे ज्यादा वोट योगेन्द्र चौकसे को 453 मिले, फिर भी वे जीत से काफी दूर रहे। कल रात परिणाम घोषित

विज्ञापन से लोगों की नजरे भटक

ने नया प्रयोग रोबोट चौराहे के पास में किया है और पहले से बड़ी और ऊंची फिर पानी के संकट की स्थिति में टैंकर से पानी भिजवाने का काम हो। इस तरह के सारे काम इस टीम के हवाले कर दिए जाना चाहिए। यह आवाज तो बार-बार उठती है और हर कोई इस मांग से सहमत भी है लेकिन इस दिशा में काम कुछ भी नहीं हो पा रहा है।

अगले 1 महीने तक चलेगा अभियान

अब नगर निगम के द्वारा अगले 1 महीने तक केवल पौधे लगाने और वाटर रिचार्जिंग के काम को आकार देने का अभियान ही चलाया जाएगा। जनता की शिकायतों का समाधान और अन्य विकास कार्यों का कार्य प्रभावित होगा। नगर निगम के अधिकारी इन कामों में व्यस्त होकर रह जाएंगे। वैसे भी बारिश की स्थिति इस साल खराब नजर आ रही है। अभी तक कोई बहुत ज्यादा पानी गिर नहीं पाया है। फिर भी सावन और भादो के महीने से इंदौर को उम्मीद है। हमेशा इन दो महीने के दौरान इंदौर में इतना पानी आ जाता

पटेल ब्रिज की मरम्मत का कार्य पूर्ण

जून को यहां ट्रक दुर्घटना होने के बाद यहां रैलिंग की जालियां टूट गई थी।

होने के उपरांत विजयी प्रत्याशियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया, ढोल-धमाके भी बजे और सुभाष नगर से लेकर परदेशीपुरा तक विजयी जुलूस भी निकला और विजेताओं का सम्मान भी किया गया।

प्रतिक्रिया किस प्रकार की सामने आती है उसका इंतजार किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से यह विज्ञापन होर्डिग लगाए गए हैं फिलहाल इस पर किसी जनप्रतिनिधि की नजर नहीं पड़ी है। लेकिन यातायात विभाग से जुड़े विशेषज्ञ का मानना है कि वाहन चालकों का ध्यान भटकने वाले होर्डिंग नहीं लगाए जाने चाहिए और शहर में इनकी संख्या सीमित ही होना चाहिए। कई विज्ञापनों को पढ़ने और देखने के कारण वाहन चालकों का ध्यान भटक जाता है जिसके चलते दुर्घटना होती है इसके अलावा डिवाइडर पर बनाए गए होर्डिंग स्ट्रक्चर को लेकर भी सवाल खड़े किए जाते रहे हैं तेज हवा आंधी तूफान के दौरान इससे दुर्घटना की कई घटनाएं देश के अलग-अलग शहरों में हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में इनकी संख्या कम करने पर जोर दिया जाना

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें