मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
इंदौर

निगम मुख्यालय परिसर बना सार्वजनिक रोड, लगता है जाम

दो वाहन भिड़े, जमकर हुआ विवाद और उठे सवाल

नगर निगम क्षेत्र में कहां जाम लग जाए और वाहन चालकों को दूसरे रास्ते खोजने पड़े इसका कोई अंदाजा नहीं रहता ऐसी स्थिति में वाहन चालक जाम से बचने के लिए ऐसे रास्ते खोज लेते हैं कि आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे। छोटी-मोटी गलियां हो या फिर कोई परिसर जहां से निकलने का मौका मिलता है वाहन चालक अपनी गाड़ी निकाल लेते हैं क्योंकि जाम में फंसने से अच्छा है कोई दूसरा रास्ता खोज लिया जाए। ऐसा ही एक रास्ता इंदौर नगर निगम मुख्यालय से होकर गुजरता है। अक्सर नगर निगम रिवरसाइड कॉरिडोर और रामबाग के पास इमली बाजार चौराहे तक कोई जाम लगता है तो एमजी रोड जाने वाले वाहन नगर निगम परिसर का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। इसके लिए कोई रोक-टोक भी नहीं है लेकिन यह परिसर शहर की एक प्रमुख संस्था नगर निगम का मुख्यालय भी है लेकिन वाहन चालकों को असुविधा न हो इसके लिए वाहनों को निकलने से कोई रोक-टोक यहां नहीं रहती।

इसी रोक-टोक का फायदा उठाकर हाल ही में दो वाहन नगर निगम आयुक्त कार्यालय के सामने टकरा गए और जमकर विवाद हुआ। विवाद इतना बड़ा कि मामला थाने तक पहुंच गया। दरअसल नगर निगम मुख्यालय परिसर के अंदर से दो वाहन निकालने के लिए वर्कशॉप वाले गेट से अंदर हुए इसमें एक कार मारुति स्विफ्ट डिजायर आगे चल रही थी। वहीं इसके पीछे एक और कमर्शियल वाहन भी चल रहा था। इस व्यस्ततम मार्ग में कमर्शियल वाहन ने कार को ओवरटेक करके निगम आयुक्त के कार्यालय वाले बोगदे से अंदर निकलना चाहा, लेकिन स्वास्थ्य कंट्रोल रूम के पास कमर्शियल वाहन चालक ने कार को टक्कर मार दी जिससे कार का अगला पहिया और उसके ऊपर की बॉडी डैमेज हो गई। इस कार में महाराष्ट्र से आए तीर्थ यात्री सवार थे जो की उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रहे थे। टक्कर लगने के बाद जमकर विवाद हुआ और तीर्थ यात्रियों ने कमर्शियल वाहन चालक को पीट दिया इसके बाद गुस्साया ड्राइवर ने अपना सर वाहन से पटक कर खुद को घायल कर लिया और एमजी रोड थाने पहुंच गया। विवाद की यह स्थिति देखकर बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई।

नगर निगम मुख्यालय परिसर में हुई इस घटना के बाद शहर की छवि एक बार फिर धूमिल हुई। मारपीट और यातायात जाम इंदौर शहर की पहचान तीर्थ यात्रियों के बीच में बन गई। वहीं अब सवाल यह उठता है कि नगर निगम में हर दिन कई लोग आते हैं। अनियंत्रित वाहन यदि इसी तरह से दुर्घटना ग्रस्त होते हैं तो कई लोगों को इसमें नुकसान हो सकता है सुरक्षा की दृष्टि से यह खतरनाक है। इस मामले में अब निर्णय लेने की आवश्यकता है क्योंकि अक्सर नगर निगम चौराहे पर जाम लगने की स्थिति में वाहन चालक मुख्यालय परिसर की सड़क का उपयोग कर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यहां उपाय किए जाने चाहिए। नगर निगम परिसर में ही बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं जिसके कारण इस परिसर और अधिक वाहनों के प्रवेश की गुंजाइश नहीं रहती। नगर निगम के अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने बताया कि यह गंभीर विषय है इस मामले में सुरक्षा की दृष्टि से विचार करना आवश्यक है। जम के दौरान निगम मुख्यालय को आम सड़क नहीं बनाया जा सकता और यहां दुर्घटना हो ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही इस मामले में नगर निगम आयुक्त से चर्चा कर महापौर के निर्देश अनुसार सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। बाहरी वाहनों के प्रवेश को लेकर भी रोक लगाई जाएगी।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें