मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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बिल्डर विकास अनुमति मामले चार माह पहले खुदी सड़क में मुख्यमंत्री से लगाएंगे गुहार बरसात में दे रही दिक्कत

मल्टी निर्माण नियम में कॉलोनी विकसित करने की श्रेणी में शामिल इसीलिए विकास अनुमति की जरूरत

वर्तमान में शहर का रियल एस्टेट कारोबार नगर निगम के नोटिस के कारण परेशान है, क्योंकि निगम ने 2021 के भूमि विकास अनुमति के नियम को लागू करते हुए शहर की कॉलोनी में खाली प्लॉट पर मल्टी निर्माण की अनुमति नए सिरे से लेने का नियम बिल्डरों और भूखंड स्वामी पर लागू कर दिया गया है जबकि कॉलोनी विकसित करने और टीएनसी नक्शा पास करने के बाद नगर निगम से पूरी कॉलोनी पर विकास अनुमति मिल जाया करती थी लेकिन अब यदि उस कॉलोनी में कोई भूखंड रिक्त है और भूखंड स्वामी मल्टी या बहुमंजिला भवन निर्माण करना चाहता है तो उसको फिर से विकास अनुमति लेनी होगी बीते दिनों इसी नियम को लेकर नगर निगम द्वारा लगभग 200 बिल्डरों को नोटिस जारी किए गए थे जिसका विरोध अब इंदौर का रियल स्टेट कारोबार कर रहा है। कारोबारी का तर्क है कि वह एक बार पूरी कॉलोनी की विकास अनुमति ले चुके हैं, इसका शुल्क भी उन्होंने नगर निगम को अदा किया है अब जब कॉलोनी के अंदर ही किसी रिक्त भूखंड पर कोई भवन निर्माण हो रहा है तो उसकी दोबारा विकास अनुमति लेना न्याय संगत निर्णय नहीं है इस तरह से रियल स्टेट कारोबार धराशायी हो जाएगा।

200 बिल्डरों को नोटिस के मामले में बोले निगम आयुक्त, कहा नियम अनुसार शुल्क जमा करवाने की कार्रवाई की जा रही है

मामले में नगर निगम आयुक्त कॉलोनी विकसित करने के लिए क्षितिज सिंघल ने इस नियम को बिल्डिंग परमिशन और विकास लागू करने के पीछे तर्क देते हुए अनुमति जारी होती है लेकिन यदि कहा कि मल्टी निर्माण कॉलोनी इस कॉलोनी में किसी बहु मंजिला विकसित करने की श्रेणी में भवन निर्माण के लिए भूखंड रिक्त शामिल है। पूर्व के विकास छोड़ा जाता है तो पुन: नगर निगम अनुमति नियम में इसको शामिल को विकास अनुमति जारी करने नहीं किया गया था लेकिन अब के लिए आवेदन करना होगा। यह नए नियम के अनुसार मल्टी उसी तरह हुआ जैसे एक ही काम निर्माण के लिए अलग से विकास को दो बार करना और आर्थिक अनुमति जारी की जा रही है भार उठाना। रियल एस्टेट इसीलिए जिन बिल्डरों द्वारा तय कारोबारी संदीप श्रीवास्तव ने समय सीमा या फिर 2021 के बताया कि यह रियल स्टेट के बाद निर्माण किया जा रहा है उन्हें कारोबार को ठप करने जैसा है। यह अनुमति लेना आवश्यक है।

लोग सस्ते घर चाहते हैं लेकिन नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा ऐसे नियमों से लोगों को वर्तमान द्वारा इसके लिए ऐसे बिल्डरों को कीमतों से भी अधिक महंगे घर नोटिस जारी किए गए हैं जिन्होंने खरीदने के लिए तैयार रहना विकास अनुमति और शुल्क जमा पड़ेगा। सरकार को कारोबारी नहीं किया है। इस मामले में शहर नीतियों को सरल एवं कम आर्थिक के रियल स्टेट कारोबारी का भार वाली बनाना चाहिए ताकि हर कहना है कि इस तरह से धंधा व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराने चौपट हो जाएगा और फिर फ्लैट का लक्ष्य पूरा किया जा सके। की कीमतें भी बढ़ जाएगी। रियल फिलहाल इस मामले को लेकर एस्टेट कारोबारी पर यह टैक्स की महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दोहरी मार है। उदाहरण के तौर निराकरण का आश्वासन दिया है। पर कोई बिल्डर यदि 5 एकड़ की यदि एक सप्ताह में निराकरण नहीं कॉलोनी विकसित करता है तो होगा तो उनके माध्यम से मुख्यमंत्री उसको पहले ग्राम तथा नगर डॉ मोहन यादव के समक्ष यह निवेश विभाग से कॉलोनी का समस्या रखी जाएगी। यदि यह लेआउट और नक्शा मंजूर करना नियम लागू होता है पूरे कारोबार होता है इसके बाद नगर निगम से का नक्शा बिगड़ जाएगा। विधानसभा 4 के वार्ड 72 अन्नपूर्णा रोड स्थित महावर नगर में करीब 4 माह पूर्ण सड़क खोदी गई थी, जो अभी तक नहीं बनी और बरसात में यह गड्ढे वाली सड़क परेशानी पैदा कर रही है। वाहन हिचकौले खा रहे हैं और गिर भी रहे हैं। इस मामले में रहवासियों ने आरोप लगाया कि नल कनेक्शन के नाम पर जगह-जगह सड़क खोदी गई थी और खोदने वाले ठेकेदार ने गड्ढे भी नहीं भरे और निगम झोन ने भी इस पर संज्ञान नहीं लिया। रहवासियों ने कई बार झोन अधिकारियों को रोड ठीक करने का आग्रह किया, अब बरसात में परेशानी और बढ़ गई है। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नल कनेक्शन के नाम पर 1-1 हजार रु. लिए गए थे और सुविधा देने के बजाए सड़क खोद दई, जिसके कारण पैदल चलना भी दुभर हो रहा है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 17 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें