क्या मिला था जिसके कारण इतने लोगों की मौत हो गई। खैर इस घटना के कारण भागीरथ पुरा की एक अलग पहचान बनी और उस समय पर पूरे प्रदेश की राजनीति का केंद्र यह क्षेत्र बन गया था।
इस घटना के बाद से ही नगर निगम के द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अलग- अलग योजना तैयार कर उन योजनाओं का क्रियान्वयन करने की पहल की जा रही है। इस कड़ी में नगर निगम के द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र में आर नमकीन वाली गली से खेत वाली अम्मा के घर तक और आसपास की गलियों को चौड़ा करने तथा उनमें सीमेंट कंक्रीट की नई सड़क बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। निगम के इस प्रोजेक्ट की लागत 33 लाख रुपए है। निगम के द्वारा प्रोजेक्ट बनाने से लेकर अब तक इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वित के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। निगम की इस कोशिश का कोई परिणाम निकल कर सामने आता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इस प्रोजेक्ट को क्रेडिट करने के लिए नगर निगम के द्वारा अब तक पांच बार टेंडर जारी किया जा चुका है। एक बार भी एक भी ठेकेदार के द्वारा इस काम को करने में अपनी रुचि का प्रदर्शन नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में यह प्रोजेक्ट तैयार होने और मंजूर होने के बावजूद कागज पर सिमट कर रह गया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस काम को करने में भी 6 महीने का लंबा वक्त लगेगा। बात केवल इस प्रोजेक्ट की ही नहीं है। इसके साथ ही भागीरथपुरा में गलियों की टूटी-फूटी सड़कों का सीमेंट से नवनिर्माण करने का भी एक प्रोजेक्ट बना है। इस प्रोजेक्ट की लागत 18 लख रुपए है। इस काम को करने के लिए भी कोई तैयार नहीं हो रहा है। इस कार्य को करवाने के लिए नगर निगम अब तक चार बार टेंडर जारी कर चुका है। टेंडर की शर्तों के अनुसार यह कार्य 4 महीने की समय अवधि में किया जाना है। यह काम भी अधर में लटक गया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




