आज दशहरा पर वाहन और इलेक्ट्रानिक के अलावा अन्य वस्तुएं भी खरीदने का प्राचीन प्रचलन है और आज अलसुबह से फोर व्हीलर से लेकर टूव्हीलर के शोरूम और इलेक्ट्रानिक शोरूम भी अलसुबह से खुलना शुरू हो गए है। कई लोगों ने तो पहले ही वाहन पसंद कर अग्रिम बयाना भी दे दिया है और आज वाहन और इलेक्ट्रीक आयटम दुकानों से लिए जाएंगे। यह क्रम आज सुबह से शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहेगा। आज शोरूम और इलेक्ट्रानिक दुकानों पर सुबह से रौनक है। वाहन और इलेक्ट्रीक सामान भी बडी तादाद में दुकानों पर नजर आ रहे है। कई वाहन और इलेक्ट्रिक दुकानदारों ने आज खरीदी पर विशेष छूट भी दी है। निर्माण कार्य के ठेकेदार भी आज अपने कर्मचारियों को पूजन के बाद उपहार देते है उनके लिए भी खरीदी की गई।
गेंदे के फूल की दुकानें लगीं
कल से ही दशहरा के लिए गेंदे के फूल की दुकानें शहर के चारों ओर लग चुकी है। अलग-अलग भाव से तौल में गेंदा बेचा जा रहा है। गेंदे की माला बनाकर भी प्रति नग और तौल से भी बेची जा रही है। लम्बी लड़ियां गेंदे की भी बनाकर दी जा रही है। गत वर्ष की तुलना में इस बार गेंदे का फूल महंगा बिका। गेंदा फूल 80 रु. किलो और माला 100 रु. किलो बेची जा रही है। कहीं पर 10 रु. किलो का अन्तर भी है। हरी पत्ती जो सोना पत्ती के रूप में रावण दहन के बाद दी जाती है उसकी भी दुकानें लगी हुई है। हरी पत्ती की लम्बी झालर भी घर और दुकान पर लगाने के लिए बेची जा रही है। आज बडे से लेकर छोटे उद्योग तक में मशीनों की पूजा की जाती है, यह क्रम शुरू हो चुका है, उद्योगों में भी श्रमिकों का सम्मान होता है, ठेकेदार भी आज श्रमिकों को तिलक लगाकर गिफ्ट दे रहे है। वहीं घर, दुकान और कार्यालय पर आम और अशोक के पत्ते भी कई जगह बाहर बांधे जा रहे है, कई जगह फूलों की मालाएं भी लगी है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 20 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 6 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




