शहर में इस वर्ष कम बारिश होने के कारण आगामी दिनों जलसंकट गहराने की आशंका है। ऐसे में इससे निपटने के लिए नगर निगम आम नागरिकों पर पानी की खपत घटाने के जतन कर रहा है। रोजाना बैठकों में नए-नए निर्णय लिए जा रहे हैं। दूसरी ओर बेरिकेट धोकर निगम पानी की बर्बादी कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल चुनरी यात्रा में शामिल होने बड़ा गणपति आए थे। उनके आने से पहले नगर निगम ने सड़कें तो साफ कर दी, वहीं मेट्रो के लिए लगाए गए बेरिकेट्स भी पानी से साफ कर दिए। शहर में जलसंकट की आहट है, जनता पर खपत कम करने के लिए जतन किए जा रहे हैं। कार वाशिंग से लेकर नए निर्माण पर खर्च होने वाले पानी के लिए ट्रीटेड वाटर अनिवार्य करने की तैयारी है। दूसरी ओर निगम खुद ही बेरिकेट धोकर पानी बर्बाद कर रहा है, भले ही निगम भी ट्रीटेड पानी का उपयोग डिवाइडर और बेरिकेट धोने में करता है लेकिन फिलहाल जलसंकट की आहट को देखते हुए निगम को भी बदलाव लाना होंगे। जरूरी जगह पर ही ट्रीटेड वाटर खर्च करना होगा। उल्लेखनीय है कि बीते दो दिनों से छुटपुट बरसात भी हो रही है, बरसात में वैसे ही बेरिकेटस धुल गए, उन्हें अलग से धोने के लिए पानी खर्च करने की जरूरत ही नहीं थी। कुल मिलाकर केवल जनता पर जतन कर पानी की बर्बादी नहीं रोकी जा सकती है। निगम को स्वयं भी इस पर विचार करना होगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 19 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





