प्रदेश प्रवक्ता मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी आनंद जैन कासलीवाल ने इंदौर में गहराते जल संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगभग 22 वर्षों से इंदौर की सत्ता और राजनीति में प्रभाव रखने वाली भाजपा आज तक शहर को नर्मदा जल का चौथा चरण उपलब्ध नहीं करा पाई।
सबका साथ, सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा के पास सांसद, विधायक, कैबिनेट मंत्री, महापौर और प्रदेश में सरकार होने के बावजूद इंदौर की जनता पानी के लिए परेशान है। यह भाजपा के विकास के दावों की वास्तविकता उजागर करता है। आनंद जैन कासलीवाल ने कहा कि इंदौर में नर्मदा जल लाने के लिए जिन समाजसेवियों ने संघर्ष किया, आंदोलन किए और सरकारों के सामने जनता की मांग रखी, उनका योगदान अविस्मरणीय है। मुकुंद कुलकर्णी, प्रकाश खर्राटे, अभय छजलानी, शिवाजी मोहिते, सुभाष कर्णिक सहित अनेक समाजसेवियों ने इंदौर में नर्मदा जल लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल के कार्यकाल में इस योजना को स्वीकृति मिली और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद्र सेठी के कांग्रेस शासनकाल में इसके क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ। आज इंदौर की बड़ी आबादी को नर्मदा का पानी मिल रहा है। यह सब इनके पीछे उन समाजसेवियों के संघर्ष और कांग्रेस सरकारों की दूरदर्शिता का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जैसे नेताओं ने प्रदेश का नेतृत्व किया। इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व महापौर मालिनी गौड़ और अन्य भाजपा नेताओं का भी लंबे समय तक राजनीतिक प्रभाव रहा है। इसके बावजूद इंदौर की जनता को पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी। सवाल यह है कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा सरकार नर्मदा जल का चौथा चरण क्यों नहीं ला पाई? कासलीवाल ने कहा कि आज स्थिति यह है कि शहर के कई क्षेत्रों में 48 घंटे के अंतराल पर मात्र आधा घंटा पानी मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में यदि जनता को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के बजाय बाल्टी से नहाने की सलाह दी जाती है, तो यह जनता की परेशानी के प्रति असंवेदनशीलता है। सरकार का काम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं देना है, न कि अपनी विफलताओं का बोझ जनता पर डालना। उन्होंने आगे कहा कि अमृत योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए करोड़ों रुपये के प्रावधान और विकास के दावे किए गए। लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि इन योजनाओं पर कितना पैसा खर्च हुआ, कितनी पाइपलाइन बिछाई गई, कितने क्षेत्रों को लाभ मिला और किन परियोजनाओं का काम अब तक अधूरा है। इसी तरह पानी के मीटर लगाने की योजना की वर्तमान स्थिति क्या है, इसका स्पष्ट जवाब नगर निगम और सरकार को देना चाहिए। जनता के पैसे से बनी योजनाओं का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। आज भी नागरिक पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इंदौर की जनता को भाषण नहीं, पानी चाहिए; आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि सरकार नर्मदा जल के चौथे चरण की समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक करे, जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार करे और जल योजनाओं पर हुए खर्च का पूरा हिसाब जनता के सामने रखे। उक्त पूर्ण जानकारी प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल ने दी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 17 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





