आज सुबह रीगल तिराहे पर बड़ी संख्या में एकत्रित होकर नागरिकों के द्वारा प्रदर्शन किया गया और मेट्रो ट्रेन नहीं चाहिए नारे की गूंज लगाई गई। पूर्वी क्षेत्र की कॉलोनी में रहने वाले इन नागरिकों के द्वारा सरकार की अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन योजना का विरोध किया जा रहा है। सरकार के द्वारा मेट्रो ट्रेन के लिए जो योजना तैयार की गई थी उसमें बंगाली चौराहा से लेकर पलासिया चौराहा तक मेट्रो ट्रेन को एलिवेटेड रूप से चलाया जाना था। जब सरकार के द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन शुरू करवाया गया तो यह पाया गया कि इस योजना को क्रेडिट करने में बड़ी संख्या में मकान तोड़ना पड़ेंगे। ऐसी स्थिति को देखते हुए सरकार के द्वारा योजना में परिवर्तन करते हुए इस क्षेत्र में मेट्रो ट्रेन को एलिवेटेड रूप के स्थान पर अंडरग्राउंड रूप में चलाने का फैसला लिया गया। अब जब अंडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू होने की स्थिति बनती हुई नजर आ रही है तो क्षेत्र के नागरिक इस योजना के विरोध में खड़े हो गए हैं।
इन नागरिकों के द्वारा सरकार की इस नई योजना के विरोध में निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। तिलक नगर के सामुदायिक भवन में बैठक करने के बाद इन नागरिकों के द्वारा मेट्रो ट्रेन के कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद अब अगली कड़ी के रूप में आज सुबह इन नागरिकों के द्वारा रीगल तिराहे पर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में नागरिकों ने मेट्रो ट्रेन नहीं चाहिए का नारा लगाया। नागरिकों का कहना था कि सरकार के द्वारा जिस तरह से तिलक नगर सांईकृपा कॉलोनी और उससे जुड़ी हुई कॉलोनी में जमीन के अंदर से मेट्रो ट्रेन ले जाने की कोशिश की जा रही है। उसके कारण हमारे सालों पुराने मकान कमजोर हो जाएंगे। इसके साथ ही जमीन के अंदर का बोरिंग का पानी भी चला जाएगा। अपनी इन समस्याओं को लेकर नागरिकों के द्वारा या तो एलिवेटेड मेट्रो ट्रेन चलाओ या फिर मेट्रो ट्रेन मत चलाओ जैसा विचार सामने रखा जा रहा है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 17 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





