गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026
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मोबाइल चार्ज करने पर 5 करोड रुपए हर महीना खर्च करते हैं इंदौर के लोग

बिजली कंपनी ने लगाया इंदौर में 30 लाख मोबाइल होने का अनुमान

प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में एक अनुमान के अनुसार 30 लाख मोबाइल है। इन मोबाइल को चार्ज करने पर इंदौर के लोग हर महीने 5 करोड़ रुपया बिजली खर्च करने में करते है। यह अनुमान मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के द्वारा अपने डाटा एनालिसिस के माध्यम से लगाया गया है। विभाग के द्वारा किए गए एनालिसिस में यह बात सामने आई है कि इंदौर में 75 लाख यूनिट की प्रतिमाह खपत होती है।

इस शहर में मोटे तौर पर 30 लाख मोबाइल होने का अनुमान है। जो मोबाइल लोगों के पास है उनकी बैटरी 4000 से 5000 एम ए एच की है। इसके साथ ही उन्नत किस्म के मोबाइल की बैटरी 7000 से 8500 एम ए एच की है। इन मोबाइल को मोटे तौर पर अपने कामकाज करने और लोगों से बात करने के अलावा फुर्सत के समय पर रील देखना, वीडियो देखने और फिल्म देखने में भी उपयोग में लिया जाता हैं।

शहर के नागरिकों के द्वारा रात के समय पर फुर्सत में बैठकर कई घंटे तक फेसबुक इंस्टाग्राम यूट्यूब पर रील देखी जाती है। इस तरह के वीडियो कंटेंट को देखने से मोबाइल की बैटरी जल्दी से खत्म हो जाती है और हमें फिर से मोबाइल को चार्ज करना पड़ता है। 4000 और उसके आसपास के रेंज की बैटरी को चार्ज करने पर 0.018 से लेकर 0.025 यूनिट तक की बिजली लगती है।

जबकि ज्यादा क्षमता वाले मोबाइल को चार्ज करने पर 0.031 से लेकर 0.046 तक की यूनिट खर्च होती है। अभी इंदौर में बिजली के दाम 4.71 रुपए प्रति यूनिट से लेकर 7.5 प्रति यूनिट तक के हैं। इसके साथ ही 9 प्रतिशत का जीएसटी भी लगता है। इस दाम को देखते हुए जब एनालिसिस किया गया तो यह सत्य सामने आया कि इंदौर के लोगों के द्वारा हर महीने अपने मोबाइल को चार्ज करने के काम में ही 5 करोड रुपए की बिजली खर्च कर दी जाती है।

लगातार बढ़ रहा है यह खर्च

नागरिक फुर्सत के समय पर जब रील या वीडियो मोबाइल पर देखते हैं तो उन्हें इस पर होने वाले खर्च का अनुमान नहीं रहता है। मोटे तौर पर व्यक्ति के द्वारा यह सोचा जाता है कि इस तरह के वीडियो देखने में इंटरनेट का डाटा ही लग रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के द्वारा अनलिमिटेड इंटरनेट का उपयोग करने का प्लान लिया हुआ होता है।

ऐसे में उन्हें इस बात की चिंता नहीं रहती है कि वीडियो देखने में कितना डाटा लग रहा है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति निश्चितता के साथ वीडियो देखकर आनंद लेता है और अपना समय भी पास करता है। लेकिन यह सब करने के साथ-साथ वह अपने बिजली के बिल को भी बढ़ा रहा होता है जिसका कि उसे कोई अनुमान नहीं होता है।

लैपटॉप, टीवी, कंप्यूटर का खर्च अलग

बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हमने अभी जो डाटा एनालिसिस किया है वह तो केवल मोबाइल का ही किया है। इसके साथ ही नागरिकों के द्वारा बड़ी संख्या में लैपटॉप, टीवी और कंप्यूटर का भी उपयोग किया जाता है। इसमें भी चार्ज करने में और उपयोग करने में बिजली का खर्च होता है। इस खर्च को लेकर अभी कहीं कोई अनुमान नहीं लगाया गया है।

लेकिन यह माना जाता है कि नागरिकों के द्वारा जितना पैसा मोबाइल को चार्ज करने में खर्च किया जाता है उससे कहीं ज्यादा पैसा इन उपकरणों पर लगता है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 22 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें

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सिटी ब्लास्ट, 22 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 4