गुमाश्ता नगर की ममता जैन ने कलेक्टर को कल 19 अक्टूबर को श्री गंगवाल महिला कला निकेतन, सुभाष मार्ग, बड़ागणपति के मामले में लिखित शिकायत की है और उसकी प्राप्ति भी उन्होने ली है। यह शिकायत इसलिए महत्वपूर्ण है कि आज 20 अक्टूबर को संस्था के ट्रस्टियों और पदाधिकारियों के इस्तीफा का लक्ष्य रखा गया है उसे भी ममता जैन ने जो कलेक्टर को शिकायत भेजी उसमें यही महत्वपूर्ण है कि ट्रस्टी और पदाधिकारी इस्तीफा देकर अन्य लोगों को संस्था सौपना चाह रहे है जो नियम विरुद्ध है। इस निर्णय पर तुरन्त रोक लगाई जाए, साथ ही संस्था के संचालन और आर्थिक लेनदेन की जांच भी की जाए।
गंगवाल महिला कला निकेतन की स्थापना कामकाजी महिलाओं और अध्ययनरत बालिकाओं को सुविधा उपलब्ध कराना था। विशेष रूप से जरूतममंद परिवार की महिलाओं और बालिकाओं को सुविधा प्रदान करने के लिए संचालित की जाती है। संस्था में ट्रस्टी भी महिलाएं है इसलिए संचालन और प्रबंधन भी ट्रस्टी, पदाधिकारी महिलाओं के हाथ में ही है।
ममता जैन ने शिकायत में लिखा है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है कि कुछ महिला पदाधिकारियों एवं ट्रस्टियों द्वारा उक्त महिला कला निकेतन को अन्य व्यक्तियों संस्था को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके संबंध में यह भी माना जा रहा है कि संस्था को आर्थिक रूप से ठीक से संचालित नहीं किए जाने का हवाला देकर उसे दूसरे पक्ष को सौंपने का प्रयास किया जा रहा है। आशंका है कि इस प्रक्रिया के पीछे संस्था के मूल उद्देश्यों के विपरीत आर्थिक लाभ प्राप्त करने की मंशा हो सकती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराया जाना आवश्यक है।
यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि सभा में वर्तमान पदों पर कार्यरत कुछ महिलाओं पर दबाव अथवा प्रलोभन देकर आज 20 अक्टूबर 2026 को इस्तीफा देने के लिए कहा गया है। जिससे संस्था के प्रबंधन में बदलाव कर उसे अन्य व्यक्तियों को सौंपने का रास्ता बनाया जा सके। यदि ऐसा किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, संस्था की साधारण सभा की विधिवत बैठक बुलाए बिना तथा संबंधित सदस्यों को विश्वास में लिए बिना इस प्रकार का महात्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है। यदि संस्था के नियमों, ट्रस्ट डीड अथवा लागू कानून के अनुसार साधारण सभा की स्वीकृति आवश्यक है, तो उसके बिना संस्था को अन्य व्यक्तियों को सौंपने की कार्रवाई किया जाना गंभीर अनियमितता का विषय हो सकता है।
ममता जैन ने कलेक्टर से आग्रह किया कि जनहित एवं संस्था के मूल उद्देयों को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित कार्रवाई करे। संस्था के संचालन, आर्थिक लेनदेन और अन्य व्यक्तियों कौ सौपने की कार्रवाई करवाई जाए, आगे की कार्रवाई तत्काल रोके, जब तक जांच पूरी ना हो न इस्तीफे मंजूर किए जाए और ना ही संस्था को अन्य व्यक्तियों अथवा किसी अन्य संस्था को सौंपने, हस्तांतरित करने या इस संबंध में अंतिम निर्णय लागू करने की कार्रवाई पर नियमानुसार अंतरिम रोक लगाई जाए।
संस्था की आय- व्यय संबंधी पुस्तकों, बैंक खातों, संपत्ति, वित्तीय अभिलेखों एवं पिछले वर्षों के लेन-देन की जांच कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की आर्थिक अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी निर्धारित की जा सके। तत्काल साधारण सभा बुलाई जाए जिसकी जानकारी पात्र सदस्यों को दी जाए।
अगर आज 20 अक्टूबर को इस्तीफे होते है तो उसकी भी जांच की जाए, दबाव, प्रलोभन या अनियमितता में तो यह इस्तीफे नहीं दिए गए है, अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएं, अगर दोष दिखाई देता है तो इनके पीछे दोषियों और षड़यंत्रकारियों और साथ में जिम्मेदार पदाधिकारियों और ट्रस्टियों पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
अंत में ममता जैन ने यह भी आग्रह किया कि यह संस्था कामकाजी महिलाओं एवं अध्ययनरत बालिकाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। अत: यह आवश्यक है कि संस्था का संचालन पारदर्शी ढंग से हो तथा इसका मूल उद्देश्य किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो और तत्काल इस मामले में कलेक्टर हस्तक्षेप करे, इस्तीफे पर रोक लगाई जाए, नए लोगों को काबिज नहीं होने दे और प्रशासन खुद साधरण सभा बुलवाए।
कुछ और जानकारों का कहना है कि यह प्रलोभन में किया जा रहा कार्य प्रतीत हो रहा है। अभी इस मामले में सब कुछ स्पष्ट होना बाकी है लेकिन ममता जैन निवासी गुमाश्ता नगर ने इसकी शिकायत कर पूरे मामले को सामने लाने का प्रयास किया है। अब देखना होगा कि मामला कितना और कैसा है यह जांच में ही साफ होगा। उक्त पूर्ण जानकारी ममता जैन द्वारा कलेक्टर को की गई शिकायत की प्रति के आधार पर की गई है।


यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 20 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





