दीपावली जैसे सबसे बड़े कारोबारी त्योहार पर राजबाड़ा के नियमित दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करें और सड़कों पर फुटपाथ लगाकर कारोबार करने वालों के आसपास खरीदारों की भीड़ जुटे, तो सवाल व्यवस्था पर उठना लाजिमी है। जीएसटी, आयकर, नगर निगम के लाइसेंस और स्वच्छता शुल्क सहित विभिन्न कर एवं शुल्क चुकाने वाले दुकानदारों को यदि अपने ही बाजार में कारोबार के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह व्यवस्था की गंभीर चुनौती है। मध्य क्षेत्र के 15 व्यापारिक संगठनों ने इस मुद्दे पर नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजकर दीपावली के दौरान राजबाड़ा और आसपास के बाजारों की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने की सामूहिक मांग की है। संगठनों का कहना है कि त्योहार के समय बाजार में बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सड़कों पर अस्थायी दुकानें और फुटपाथ पर कब्जे होने से पैदल आवागमन तथा व्यवस्थित खरीदारी प्रभावित हो सकती है।

सरकार का खजाना भरने वाला व्यापारी ही परेशान क्यों?
नियमित दुकानदार दुकान का किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का खर्च, जीएसटी और लागू अन्य करों व शुल्कों का भुगतान करता है। इसके बावजूद यदि उसे ग्राहकों तक पहुंचने के लिए खुला रास्ता और व्यवस्थित बाजार नहीं मिलता, तो उसके सामने प्रतिस्पर्धा की चुनौती और बढ़ जाती है। व्यापारिक संगठनों का सवाल है कि क्या बाजार व्यवस्था में नियमों का पालन करने वाले दुकानदारों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है? सड़क और फुटपाथ पर बिना आवश्यक अनुमति कारोबार करने वालों के विरुद्ध भी समान रूप से नियम लागू होने चाहिए। हालांकि, प्रत्येक फुटपाथ विक्रेता की वैधानिक स्थिति और शुल्क संबंधी दायित्व अलग-अलग हो सकते हैं।
महिलाओं की खरीदारी के लिए खुली हों सड़कें
दीपावली पर राजबाड़ा, खजूरी बाजार और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में खरीदारों की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे में सड़क और फुटपाथ पर अस्थायी दुकानें लगने से रास्ते संकरे होने तथा भीड़ बढ़ने की आशंका रहती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से खरीदारी करने का अवसर मिलना चाहिए। मध्य क्षेत्र के 15 व्यापारिक संगठनों ने नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि दीपावली के दौरान राजबाड़ा की सड़कों और फुटपाथों पर अस्थायी दुकानें लगाकर आवागमन बाधित न होने दिया जाए। फुटपाथ के लिए किसी व्यवस्थित स्थल मैदान पर हॉकर जोन बनाए। रीमूवल अमले की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो और बाजार में यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। व्यापारियों का सवाल सीधा है जब नियमित दुकानदार कर और शुल्क चुकाकर कारोबार करते हैं, तो बाजार में समान नियम और समान अवसर सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी क्यों न हो? दीपावली पर राजबाड़ा की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखना केवल व्यापारियों की मांग नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुविधाजनक खरीदारी और सुरक्षित आवाजाही से भी जुड़ा विषय है। अब देखना यह है कि नगर निगम इस सामूहिक मांग पर समय रहते क्या कदम उठाता है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






